यह बड़ी खबर है लेकिन मीडिया में दब गई। एक तरफ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए और कहा कि पिछले 22 साल में राहुल की आमदनी 11 करोड़ रुपए की है, जबकि उनकी यात्राओं का अनुमानित खर्च 60 करोड़ रुपए का है। हालांकि सरकार ने इसे लेकर कोई जांच शुरू नहीं कराई है। लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी के आय और व्यय की सीबीआई और ईडी दोनों से जांच कराने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि राहुल गांधी के पास आय से अधिक संपत्ति होने के मामले की जांच करके आठ हफ्ते में रिपोर्ट दी जाए।
असल में कर्नाटक भाजपा के एक कार्यकर्ता एस विघ्नेश शिशिर पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी के पीछे पड़े हैं। उन्होंने राहुल की दोहरी नागरिकता का मामला दायर किया था। इस पर पहले तो अदालत ने जांच के आदेश दिए। लेकिन बाद में उसी अदालत ने रोक लगा दी। एस विघ्नेश शिशिर ने ही राहुल गांधी पर आय से अधिक संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप लगाया है। इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने सीबीआई और ईडी के साथ साथ सीरियस फ्रॉड जांच विभाग यानी एसएफआईओ को भी निर्देश दिया है और साथ ही केंद्र सरकार के वित्त व कॉरपोरेट मंत्रालय को भी निर्देश जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।


