गोवा में बहुत जल्दी चुनाव होने वाला है। अगर चुनाव समय पर हुआ तो अगले साल मार्च में होगा। हालांकि यह भी चर्चा है कि नवंबर में ही पांच राज्यों के चुनाव हो सकते हैं, जिनमें एक राज्य गोवा भी है। चुनाव से पहले कांग्रेस गोवा में सहयोगी तलाश रही है। कांग्रेस ने पिछले दिनों गिरीश चोडनकर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। वे तमिलनाडु के प्रभारी थे। साथ ही कांग्रेस ने महाराष्ट्र के बड़े नेता माणिकराव ठाकरे को गोवा का प्रभारी बनाया है। अब खबर है कि कांग्रेस राज्य में सहयोगियों की तलाश कर रही है। ध्यान रहे गोवा में कई छोटी छोटी पार्टियां हैं। लेकिन भाजपा अकेले इतनी बड़ी हो गई है कि छोटी पार्टियों का वजूद महत्वपूर्ण नहीं रह गया है।
गोवा की 40 सदस्यों की विधानसभा में भाजपा के 28 विधायक हैं। हालांकि 2022 के चुनाव में जीते सिर्फ 20 ही थे। बाद में कांग्रेस के 11 में से आठ विधायक पाला पाला बदल कर भाजपा में चले गए। 2017 के चुनाव में तो भाजपा 13 और कांग्रेस 17 सीटों पर जीती थी फिर भी भाजपा ने ही सरकार बनाई थी। बहरहाल, कांग्रेस के पास अभी तीन विधायक हैं और एक उसकी सहयोगी गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक हैं। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी अभी भाजपा के साथ है, जबकि रिवोल्यूशनरी गोवंस पार्टी दोनों गठबंधन से बाहर है। उसने भी एक सीट जीती थी। आम आदमी पार्टी के दो विधायक हैं। पिछले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को पांच फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। हालांकि सीट नहीं मिल पाई थी। सवाल है कि क्या कांग्रेस गोवा में आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आरजीपी आदि के साथ तालमेल की पहल करेगी? कांग्रेस के जानकार नेताओं का कहना है कि संसद के मानसून सत्र के बाद राहुल गांधी इस बारे में फैसला करेंगे।


