राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। आठ जून तक नामांकन दाखिला किया जाएगा। ज्यादातर पार्टियां अगले एक या दो दिन में उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगी। भाजपा में राज्यसभा सीट का मामला हो या कोई और चुनाव उम्मीदवार तय करने में उसे दिक्कत नहीं होती है। लेकिन कांग्रेस को हर बार समस्या आती है। कांग्रेस को इस बार राज्यसभा की गिनी चुनी सीटें मिलेंगी। उसे अपने दम पर पांच सीटें मिलने वाली हैं और एक सीट टीवीके की कृपा से मिल रही है। अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कृपा करके एक सीट छोड़ी तो वह भी मिल सकती है। लेकिन वहां चुनाव जीतने के लिए भी कांग्रेस को जेएमएम की कृपा की जरुरत होगी।
फिर भी कह सकते हैं कि 24 सीटों के दोवार्षिक चुनाव और दो सीटों के उपचुनाव में कांग्रेस को सात उम्मीदवार उतारने हैं। सात सीटों के लिए कांग्रेस के पास वैसे तो 70 दावेदार हैं। लेकिन कम से कम 15 दावेदार ऐसे हैं, जिनको काफी सीरियस माना जा रहा है। इनमें से एक सीट पहले से तय है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे फिर से राज्यसभा जाएंगे। अगर तमिलनाडु में उपचुनाव वाली सीट पर प्रवीण चक्रवर्ती का नाम तय होता है तो ले देकर कांग्रेस के पास पांच सीटें बचेंगी। इन पांच सीटों के दावेदारों की बात करें तो राजस्थान में अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश में कमलनाथ व जीतू पटवारी। कर्नाटक में सिद्धारमैया और वाईएस शर्मिला और झारखंड में धीरज साहू, राजेश ठाकुर और केशव महतो कमलेश की दावेदारी सामने आ रही है। इनके अलावा झारखंड के प्रभारी के राजू, उत्तर प्रदेश के प्रभारी अविनाश पांडे, मीडिया विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा, डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश जैसे अनेक दावेदार हैं।
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