कांग्रेस पार्टी जिन तीन राज्यों में चुनाव हारी है वहां के दिग्गज नेताओं का क्या होगा? राजस्थान में अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश में कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ये तीनों विधानसभा का चुनाव जीते हैं। लेकिन चर्चा है कि इनमें से किसी को विधायक दल का नेता नहीं बनाया जाएगा। यानी पार्टी नेता प्रतिपक्ष के तौर पर नया चेहरा आगे करेगी। इन तीनों को प्रदेश संगठन में भी कोई जिम्मेदारी नहीं मिलनी है। सो, अब आगे ये नेता क्या करेंगे? इनके साथ साथ कुछ और बड़े नेता हैं, जैसे राजस्थान में सीपी जोशी, मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह, छत्तीसगढ़ में टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू आदि। पार्टी को उनकी भी भूमिका तय करनी है।
आमतौर पर कांग्रेस में परंपरा रही है कि राज्यों में चुनाव हारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों या बड़े नेताओं को केंद्रीय टीम में जगह मिलती है। भाजपा में भी ऐसा ही होता है। भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्रियों को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया जाता है, जबकि कांग्रेस में महासचिव बनाने का चलन रहा है। लेकिन कमलनाथ और गहलोत की उम्र भी बहुत ज्यादा हो गई है। बघेल जरूर अभी कोई बड़ी भूमिका निभाने में सक्षम हैं। सो, संभव है कि कार्य समिति में इन नेताओं की जगह बनी रहे। उसके अलावा संगठन में कोई भूमिका संभव नहीं है। पता नहीं कांग्रेस नेतृत्व इनको अगले साल के लोकसभा चुनाव में उतारने पर विचार कर रही है या नहीं? लेकिन इतने बड़े नेता अगर लोकसभा का चुनाव लड़ें तो पार्टी के लिए अच्छा ही होगा।
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