प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक पर बोलते हुए कमाल की बात कही। उन्होंने कहा कि उनको क्रेडिट नहीं चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष के लोगों को लग रहा है कि इससे भाजपा का या मोदी का कोई राजनीतिक फायदा है तो वे इसका क्रेडिट विपक्ष को देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे पास कराए वे उसका श्रेय विपक्ष को देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे विज्ञापन छपवा कर विपक्ष को क्रेडिट देने के लिए तैयार हैं। लेकिन सवाल है कि विपक्ष को कैसे क्रेडिट मिलता? विपक्ष के लोगों को भी पता था कि यह सिर्फ क्रेडिट लेने देने का मामला नहीं है और दूसरे कुछ भी हो जाएगा उनको इसका श्रेय नहीं मिलेगा।
इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार ने पहले ही क्रेडिट लेना शुरू कर दिया था। 16 अप्रैल के सत्र से एक हफ्ते पहले से सारे टेलीविजन चैनलों, रेडियो स्टेशंस, आउटडोर डिस्प्ले आदि में नारी शक्ति वंदन के विज्ञापन चलने लगे थे। भाजपा की राज्य सरकारें विशेष परिशिष्ट अखबारों में छपवा रही थी। हर जगह प्रधानमंत्री और केंद्र की उनकी सरकार को महिलाओं का हितैषी दिखाते हुए विज्ञापन छापे और दिखाए जा रहे थे। इसके बाद विपक्ष के लिए कुछ नहीं बचा था। अगर विपक्ष बिल पास करा देता, तब भी उसको श्रेय नहीं मिलना था।


