अंबेडकर के मसले पर देश में चल रहे विवाद की ऐसा लग रहा है कि जनता दल यू और तेलुगू देशम पार्टी को ज्यादा परवाह नहीं है। दोनों पार्टियों ने इस मसले पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भाजपा का समर्थन किया है और कांग्रेस व दूसरी पार्टियों का विरोध किया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने जदयू के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को और टीडीपी के नेता व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को चिट्ठी लिखी थी। केजरीवाल ने दोनों से कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंबेडकर का अपमान किया है इसलिए जदयू और टीडीपी को भाजपा से समर्थन वापस लेना चाहिए।
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जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने चिट्ठी लिख कर अरविंद केजरीवाल को नसीहत दी कि उनको अपनी पार्टी का कामकाज देखना चाहिए और जनता दल यू को क्या करना है यह उस पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने इस मसले पर भाजपा का समर्थन किया और कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक अंबेडकर का अपमान किया। दूसरी ओर टीडीपी ने अरविंद केजरीवाल की चिट्ठी का संज्ञान लेने की जरुरत नहीं समझी। इस तरह टीडीपी ने भी साफ कर दिया कि उसे भाजपा से कोई दिक्कत नहीं है। असल में दोनों राज्यों में दलित राजनीति उस तरह की नहीं है, जैसी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा या पंजाब या महाराष्ट्र में है। इसलिए दोनों पार्टियां डॉक्टर अंबेडकर के मसले की ज्यादा परवाह नहीं कर रही है।
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Image Source: ANI


