विपक्षी पार्टियों के प्रदर्शन और दूसरी खबरों के बीच एक बड़ा और दिलचस्प घटनाक्रम मीडिया की नजरों से ओझल हो गया। कहीं कहीं खबर तो आई लेकिन यह बड़ा घटनाक्रम था कि राहुल गांधी और विपक्षी पार्टियों के प्रदर्शन के बीच भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें जनता दल यू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और राहुल गांधी व अन्य विपक्षी नेताओं पर हमला किया। सोचें, जब अमित शाह पहली बार राहुल गांधी के प्रोटेस्ट पर प्रेस के सामने आए और बहुत आक्रामक अंदाज में हमला किया तो उसी दिन दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों के प्रेस कॉन्फ्रेंस की क्या जरुरत थी?
दूसरी खास बात यह है कि यह कोई ऐसा अभूतपूर्व मामला नहीं है कि जदयू के नेता भाजपा मुख्यालय में जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करें। सवाल है कि इसे भाजपा ने क्या मैसेज दिया? ऐसा लग रहा है कि बिहार की अंदरूनी राजनीति में खींचतान को एड्रेस करने का प्रयास किया गया। गौरतलब है कि वहां जदयू के अंदर घमासान छिड़ा है तो एनडीए की पार्टियों में बहुत विवाद है। चिराग पासवान खुल कर सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं तो दूसरी ओर भाजपा अपने एक अन्य सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को तोड़ने का प्रयास कर रही है। इस विवाद के बीच जदयू के शीर्ष नेताओं में से एक के भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एनडीए की एकजुटता का संदेश जाएगा।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



