केरल में कांग्रेस के लिए सब कुछ अच्छा नहीं दिख रहा है। लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार केरल की सभी सीट जीतने के बाद भी कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन यूडीएफ दबाव में है। खासकर कांग्रेस पार्टी। एक तो राहुल गांधी के वायनाड सीट से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के नेता बैकफुट पर आए हैं और दूसरे कांग्रेस नेताओं के भाजपा के करीब जाने की खबरें आ रही हैं, जिससे हलचल बढ़ी है। बताया जा रहा है कि केरल के मुख्यमंत्री रहे दिवंगत ओमन चांडी के बेटे चांडी ओमन इन दिनों भाजपा से नजदीकी बढ़ा रहे हैं।
गौरतलब है कि चांडी ओमन वकील हैं और पिछले दिनों उनका नाम केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तहत आने वाली एनएचएआई के वकीलों के पैनल में शामिल किया गया था। हालांकि इसे लेकर तत्काल विरोध शुरू हो गया। केरल भाजपा के अनेक नेताओं ने इस पर सवाल उठाया। कांग्रेस नेताओं ने भी आपत्ति की और चांडी ओमन से संपर्क करके पूछा कि क्या उन्होंने अपना नाम पैनल के लिए दिया था। बाद में भाजपा नेताओं के विरोध की वजह से पैनल ही रद्द कर दिया गया। लेकिन कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि केरल में कांग्रेस पार्टी ने जिन दो नेताओं को सबसे ज्यादा महत्व दिया और सारे पद दिए उनके बच्चे कांग्रेस से पल्ला झाड़ रहे हैं। पहले एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने कांग्रेस छोड़ी और भाजपा में शामिल होकर उसके राष्ट्रीय सचिव बन गए और अब ओमन चांडी के बेटे चांडी ओमन भाजपा से नजदीकी बढ़ा रहे हैं।
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Image Source: ANI


