भारतीय जनता पार्टी ने पूरे देश में गठबंधन तय कर लिया है और कहीं भी उसे सीट बंटवारे में समस्या नहीं हुई। लेकिन महाराष्ट्र में उसकी समस्या समाप्त नहीं हो रही है। असली शिव सेना और असली एनपीसी यानी एकनाथ शिंदे और अजित पवार गुट के साथ कई सीटों का बंटवारा तय नहीं हो रहा है। ज्यादातर सीटों पर सहमति बन गई है और राज ठाकरे की पार्टी के समर्थन के बदले में कोई सीट नहीं मांगने की वजह से भी भाजपा को आसानी हुई। लेकिन के कम से कम तीन सीटें ऐसी हैं, जिनको लेकर तनाव बना हुआ है। ये सीटें हैं नासिक, सातारा और सिधुंदुर्ग रत्नागिरी की।
नासिक सीट पर अजित पवार गुट की एनसीपी का दावा है। इस लोकसभा सीट के अंदर आने वाली एक विधानसभा सीट से छगन भुजबल विधायक हैं और उनको चुनाव लड़ना है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे लड़ेंगे तो एनसीपी के चुनाव चिन्ह पर ही लड़ेंगे। यानी उनको भाजपा के कोटे से इस सीट पर नहीं लड़ना है। इसी तरह सिंधुदुर्ग रत्नागिरी सीट पर नारायण राणे हैं लेकिन एकनाथ शिंदे गुट का कहना है कि उसे यह सीट चाहिए। कल्याण सीट से मुख्यमंत्री के बेटे की टिकट की घोषणा हो गई है लेकिन कई और सीटों का मामला अब भी अटका है।
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