मणिपुर में प्रदेश जदयू के नेता के बीरेन सिंह ने क्या नाटक किया यह किसी को समझ में नहीं आया। बुधवार, 22 जनवरी को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को चिट्ठी लिख कर कहा कि उनकी पार्टी राज्य की एन बीरेन सिंह सरकार से समर्थन वापस ले रही है। चूंकि भाजपा और जदयू बहुत नजदीकी सहयोगी हैं और बिहार में इसी साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है तभी जदयू का भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेना बड़ा मुद्दा बन गया। तुरंत चारों तरफ खबरें चलने लगीं और विश्लेषण होने लगा। कहा जाने लगा कि जिस तरह से कोनरेड संगमा की पार्टी ने राज्य के मुख्यमंत्री के प्रति अविश्वास जताया है और सरकार से समर्थन वापस लिया है वैसे ही जदयू ने भी कर दिया।
जब विवाद बढ़ा तो जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बयान जारी करके कहा कि पार्टी ने समर्थन वापस नहीं किया है। इतना ही नहीं जदयू के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के बीरेन सिंह को हटाने का ऐलान भी कर दिया गया। अब सवाल है कि यह नाटक क्यों हुआ और क्या जदयू के प्रदेश अध्यक्ष की अपनी कोई राजनीति है? यह सवाल इसलिए है क्योंकि राज्य में जदयू के पास सिर्फ एक विधायक है। वैसे पिछले चुनाव में उसके छह विधायक जीते थे लेकिन पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। पार्टी के इकलौते विधायक मोहम्मद अब्दुल नासिर हैं। वे वैसे भी भाजपा सरकार को समर्थन नहीं देते हैं और पिछले काफी समय से विपक्ष में ही बैठते हैं। वैसे भी उनके समर्थन से सरकार की सेहत पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। तभी माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद बदली हुई परिस्थितियों को देख कर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और इकलौते विधायक अपनी अलग राजनीतिक रोटी पकाना चाहते हैं।
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Image Source: ANI

