बिहार में भारी बहुमत की सरकार बनने के बाद अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री होने वाली है। यह एंट्री कब होगी, इस बारे में अभी नहीं बताया जा रहा है लेकिन उसकी प्लानिंग शुरू हो गई है। जनता दल यू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने निशांत की राजनीति में एंट्री की पहल की है। इससे पहले सहयोगी पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा भी इसकी जरुरत बता चुके हैं। इस बीच पटना में वीरचंद पटेल रोड पर जनता दल यू के कार्यालय के बाहर निशांत को राजनीति में लाने के पोस्टर और होर्डिंग्स लग गए हैं। अपने को नीतीश के सेवक बताने वाले लोग इसकी मांग कर रहे हैं।
ध्यान रहे नीतीश कुमार अभी तक अपने परिवार को राजनीति से दूर रखे हुए हैं। उनके बेटे निशांत इंजीनियर हैं और उनकी उम्र 45 साल हो गई है लेकिन नीतीश ने उनको राजनीति में एंट्री नहीं दी। लेकिन नीतीश की उम्र और सेहत को देखते हुए पार्टी को एक नेता की जरुरत है। जनता दल यू के तमाम बड़े नेता पहले कह चुके हैं कि पार्टी का नेता कोई कुर्मी ही होगा। परिवार के बाहर के लोगों नें श्रवण कुमार और मनीष वर्मा के नाम की चर्चा होती है। लेकिन ये पार्टी को एकजुट नहीं रख पाएंगे। हालांकि निशांत को कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है और वे बहुत तेजतर्रार भी नहीं हैं। फिर भी पार्टी के नेता मान रहे हैं कि उनके नाम से पार्टी एकजुट रहेगी। तभी राजनीति में उनकी एंट्री तय है। सवाल है वह किस रूप में होगी? क्या वे अपने पिता की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे? यह भी कहा जा रहा है कि सत्ता में परिवर्तन होगा। भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा और निशांत उप मुख्यमंत्री के साथ साथ पार्टी की जिम्मेदारी संभालेंगे। उससे पहले क्या उनको राज्यसभा या विधान परिषद भेजा जाएगा? इसका फैसला अगले दो महीने में होगा।
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