विपक्षी पार्टियों की एक अहम बैठक सोमवार, आठ जून को होने वाली है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि उससे पहले ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों में टूट होगी। जानकार सूत्रों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी योजना के तहत ऐसा करा रही है ताकि ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक को पंक्चर किया जाए और उसका नैरेटिव बनने से रोका जाए। ध्यान रहे ममता बनर्जी की पार्टी के विधायक पहले ही टूट चुके हैं। उनके 80 में से 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया और विधानसभा स्पीकर ने इस गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता दी है। ममता इसे अदालत में चुनौती देंगी।
अब उनके सांसदों के टूटने की बारी है। ममता बनर्जी ने पिछले दिनों पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तो उसमें उनकी पार्टी के लोकसभा के तीन और राज्यसभा के दो सांसद पहुंचे। लोकसभा के दो या तीन और सांसद उनके साथ हैं और राज्यसभा के भी दो सांसद और साथ में हैं। इस तरह लोकसभा के 22 से 23 और राज्यसभा के 10 के करीब सांसद पाला बदल सकते हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को ममता बनर्जी की पार्टी के लोकसभा सांसदों का एक समूह स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिख कर अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग कर सकता है। बताया जा रहा है कि अभी अलग गुट बनेगा और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इनका विलय भाजपा में कराया जा सकता है। भाजपा बहुत जल्दी अपने सांसदों की संख्या 272 पहुंचाने की तैयारी करती दिख रही है। अभी उसके पास 240 सांसद हैं।


