एयरटेल को 1,035 करोड़ का घाटा

नई दिल्ली। दूरसंचार सेवायें प्रदान करने वाली निजी कंपनी भारती एयरटेल को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 1,035 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में उसे 86 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। निदेशक मंडल की बैठक के बाद कंपनी ने यहां जारी वित्तीय लेखाजोखा में कहा कि हालांकि इस तिमाही में उसके कुल राजस्व में 8.5 प्रतिशत की बढोतरी हुई है और यह पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के 20,231 करोड़ रुपए की तुलना में बढ़कर 21,947 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इस तिमाही में भारतीय बाजार में कंपनी के ग्राहकों की संख्या 30.8 करोड़ हो गयी जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 30.3 करोड़ की तुलना में 1.8 प्रतिशत अधिक है। वैश्विक स्तर पर कंपनी के ग्राहकों की संख्या 3.7 प्रतिशत बढ़कर 41.8 करोड़ पर पहुंच गयी।

संचार कंपनियों को देना होगा 92 हजार करोड़

नई दिल्ली। देश की संचार कंपनियों को बहुत बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने एजीआर के मुद्दे पर फिर से विचार के लिए संचार कंपनियों की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद कंपनियों को अब केंद्र सरकार को 92 हजार करोड़ रुपए चुकाने होंगे। अदालत के फैसले के मुताबिक 23 जनवरी तक संचार कंपनियों को बकाया चुकाना होगा। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी एजीआर के मुद्दे पर संचार कंपनियों सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। देश की मुख्य संचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडा-आइडिया और टाटा टेली सर्विसेज ने यह याचिका दाखिल की थी। याचिका में जुर्माना, ब्याज और जुर्माने पर लगाए गए ब्याज पर छूट देने का अनुरोध किया गया था। संचार कंपनियों ने लगाए गए जुर्माने की राशि को लेकर कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में अदालत से एजीआर में गैर दूरसंचार आय को शामिल करने के फैसले पर भी फिर से विचार करने का अनुरोध किया था। इससे पहले 24 अक्तूबर 2019 को संचार कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था। अदालत ने ने संचार कंपनियों को 92 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए का बकाया और लाइसेंस फीस केंद्र सरकार को देने को कहा… Continue reading संचार कंपनियों को देना होगा 92 हजार करोड़

टैरिफ बढ़ने से आइडिया का शेयर 14 फीसद और भारती एयरटेल का चार फीसद चढ़ा

मुंबई। कंपनियों के काल-इंटरनेट की दरों में बढ़ोतरी के फैसले से बांबे शेयर बाजार (बीएसई) में सोमवार को वोडाफोन आइड़िया के शेयर ने करीब चौदह फीसद की छलांग लगाई जबकि भारती एयरटेल का शेयर भी चार फीसद से अधिक बढ़ गया। रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने रविवार को प्रीपेड सेवाओं के टैरिफ में 40 से 42 फीसद की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। कंपनियों के इस फैसले से उपभोक्ताओं का मोबाइल बिल 50 फीसद तक बढ़ सकता है। कारोबार के दौरान आइडिया के शेयर में 22 फीसद और भारती एयरटेल में सात फीसद तक उछाल देखा गया। बीएसई में सत्र की समाप्ति पर टेलीकाम वर्ग का सूचकांक 2.64 फीसद अर्थात 29.44 अंक बढ़़कर 1145.66 अंक पर पहुंच गया। आइडिया का शेयर सत्र की समाप्ति पर 13.91 फीसद अर्थात 95 पैसे बढ़कर 7.78 रुपए पर बंद हुआ। शुक्रवार को यह 6.83 रुपए पर बंद हुआ था और आज सत्र की शुरुआत में 7.51 रुपए पर खुला और ऊंचे में 8.49 रुपए और नीचे 7.51 रुपए रहा। भारती एयरटेल का शेयर पहले के 442.30 रुपए की तुलना में करीब 28 रुपए ऊपर 470 रुपए पर खुला और ऊंचे में 485.75 रुपए और नीचे में 455.15 रुपए तक गिरने… Continue reading टैरिफ बढ़ने से आइडिया का शेयर 14 फीसद और भारती एयरटेल का चार फीसद चढ़ा

एयरटेल और वोडा-आइडिया के ब्लैकमेल के आगे नहीं झुके सरकार: जियो

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने गुरुवार को भारती एयरटेल और वोडा-आइडिया को करदाताओं की कीमत पर किसी प्रकार के बेलआउट पैकेज का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में दोनों कंपनियां ब्लैकमेल कर रही हैं और सरकार को इस मामले में कतई झुकना नहीं चाहिए। कंपनी ने आज प्रसाद को एक पत्र लिखकर मांग की है कि दोनों कंपनियों से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार ही सरकार इनसे बकाए की वसूली करे। जियो ने भारतीय सेलुलर आपरेटर्स संघ (सीओएआई) के दूरसंचार मंत्री को लिखे पत्र का हवाला देते हुए सीओएआई को एयरटेल और वोडा-आइडिया के हाथों की कठपुतली बताया। जियो ने सीओएआई पर आरोप लगाया कि वह दोनों कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए दूरंसचार उद्योग की झूठी तस्वीर पेश कर रहा है। गौरतलब है कि सीओएआई ने मंगलवार को दूरसंचार मंत्री को लिखे पत्र में एयरटेल और वोडा-आइडिया को राहत देने का आग्रह किया था। जियो ने दूरसंचार मत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वह सीओएआई के इस तर्क से कतई सहमत नहीं है कि यदि सरकार ने दोनों कंपनियों की मदद नहीं की तो देश का दूरसंचार क्षेत्र ध्वस्त हो जायेगा। जियो का आरोप है कि… Continue reading एयरटेल और वोडा-आइडिया के ब्लैकमेल के आगे नहीं झुके सरकार: जियो

एयरटेल के राजस्व में दूसरी तिमाही में मामूली वृद्धि

नई दिल्ली। भारती एयरटेल मंगलवार को दूसरी तिमाही के अपने परिणाम की घोषणा टाल दी, और अपने कारोबारी हाइलाइट्स को जारी किया, जिसके अनुसार, उसके प्रति उपभोक्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) में सितंबर तिमाही में गिरावट आई है। एयरटेल ने सितंबर तिमाही में 128 करोड़ रुपए का एआरपीयू दर्ज किया, जो जून तिमाही के 129 करोड़ रुपए से कम है। एआरपीयू कंपनी के कुल राजस्व में उपभोक्ताओं की संख्या का भाग देकर निकाला जाता है। भारत में मोबाइल सेवा से एयरटेल के राजस्व में मामूली वृद्धि हुई है, जो 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में 10,811 करोड़ रुपए रहा, जो जून तिमाही के 10,724 करोड़ रुपए से अधिक है। इसके ग्राहकों की संख्या सितंबर तिमाही में बढ़कर 27.943 करोड़ हो गई, जो इसके पहले की तिमाही में 27.681 करोड़ थी।

एयरटेल ने 42,000 करोड़ चुकाने में सरकार से ‘समर्थन’ मांगा

नई दिल्ली। दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने इस क्षेत्र की कंपनियों के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से जुड़े नए घटनाक्रमों की वजह से सितंबर तिमाही के परिणामों की घोषणा 14 नवंबर तक टाल दी है। कंपनी को अपने दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा मंगलवार को ही करनी थी। सुनील मित्तल की अगुवाई वाली कंपनी ने इस ममाले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद सरकार से कंपनी पर सांविधिक बकायों को लेकर कुछ बातें स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही कंपनी ने अपने बकायों को लेकर सरकार से ‘समर्थन’ भी मांगा है। ये खबर भी पढ़ेः आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 28 फीसदी घटा मित्तल सोमवार को दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसार और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले थे। उच्चतम न्यायालय ने एजीआर के मुद्दे पर सरकार के दृष्टिकोण को सही करार देते हुए उसके खिलाफ कंपनियों की अपील खारिज कर दी थी। इससे एयरटेल सहित विभिन्न कंपनियों पर राजस्व में हिस्सेदारी सहित विभिन्न मदों में 92 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बकाया निकल रहा है। ये खबर भी पढ़ेः एसबीआई का मुनाफा हुआ तीन गुणा शेयर बाजारों को भेजी सूचना में एयरटेल ने कहा, उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के मद्देनजर एजीआर मामले में अभी चीजें और… Continue reading एयरटेल ने 42,000 करोड़ चुकाने में सरकार से ‘समर्थन’ मांगा

और लोड करें