चेहरा बदलना काफी है?
घरेलू बाजार पर ध्यान केंद्रित कर अर्थव्यवस्था को दिशा देने की क्षमता भारतीय राज्य ने विकसित की होती, तो क्या संकट इतना गहराता? व्यक्तियों पर बात केंद्रित कर नीतियों पर पुनर्विचार से बचते हुए आखिर हम कहां पहुंचेंगे? देश गहरे आर्थिक संकट में है, इससे अब केंद्र भी इनकार नहीं कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने तीन ‘एफ’ (फ्युअल, फर्टिलाइजर और फॉरेन एक्सचेंज) से जुड़ी चुनौतियां को लेकर आगाह किया है। वैसे, प्रधानमंत्री ने जब नागरिकों से ‘देशभक्ति’ दिखाते हुए सोना ना खरीदने या विदेश जाने से बचने का आह्वान किया, तो उसका अर्थ यही था कि सरकार...