Corona Update:  मई के मध्य तक अपने चरम पर होगा कारोना, जानें अर्थव्यवस्था पर होगा क्या असर

New Delhi. देश में कोरोना कहर बरसा रहा है. कोरोना के बढ़ते मामलो को देखते हुए कई राज्य में लॉकडाउन लगाए जा चुके हैं. ऐसे में मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के वी सुब्रमणियम का बयान और भी ज्यादा डराने वाला है.  सुब्रमणियम  ने कहा है कि कोरोना का मौजूदा संक्रमण अगले महीने के मध्य में चरम पर पहुंच सकता है. हालांकि  उन्होंने उम्मीद जतायी है कि इसका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव उतना व्यापक नहीं होगा.  देश भर में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच उन्होंने ये बात कही है. ICMR  के शोध पर आधारित है बयान सुब्रमणियम ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चरम पर पहुंचने का उनका ये आकलन ICMR (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) समेत विभिन्न संगठनों के शोध पर आधारित है. ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित कार्यक्रम को ‘ऑलाइन’ संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह महामारी के कोई विशेषज्ञ नहीं है, अत: उनके आकलन को उसी परिपेक्ष में प्रतिवाद के साथ लिया जाना चाहिये. हालांकि उन्होंने ये स्पष्ट कर दिया कि आने वाले  कुछ महीने काफी संभलकर चलने वाले हैं क्योंकि ऐसे हालातों में कुछ भी पुख्ता तौर पर कहना मुश्किल है. इसे भी पढ़ें- Corona Fear : ‘मास्क उतार कर पूल में जाने का… Continue reading Corona Update: मई के मध्य तक अपने चरम पर होगा कारोना, जानें अर्थव्यवस्था पर होगा क्या असर

सरकारी नौकरियों के सृजन पर रोक संबंधी आदेश वापस ले सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस ने गैर जरूरी खर्चों में कटौती से जुड़े सरकार के प्रस्ताव को लेकर शनिवार को कहा कि नयी नौकरियों के सृजन पर रोक जन विरोधी कदम है और इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

संस्कृति अनुदान की प्रक्रिया पर सवाल

कोरोना काल में समूची रंगमंचीय गतिविधियां रूकी हुई हैं। रंगकर्मी या तो अपने-अपने घरों में कैद हैं या डिजिटल प्लेटफार्म पर सक्रिय हैं। उनके सामने आर्थिक संकट भी गहराया हुआ है।

देश की वर्तमान स्थिति की मुख्य वजह सरकार का कुप्रबंधन: सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि आर्थिक संकट, कोरोना वायरस महामारी और चीन के साथ सीमा पर तनाव से जुड़े संकट की मुख्य वजह भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार का कुप्रबंधन और उसकी नीतियां हैं।

मध्यम वर्ग को भी मुफ्त मिले रसोई गैस : कांग्रेस

बिहार कांग्रेस ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन में अर्थिक संकट झेल रहे मध्यम वर्ग के लोगों को भी तीन माह तक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर

कोरोना से सबसे खतरनाक आर्थिक संकट पैदा होगा: सिसोदिया

नई दिल्ली। दिल्ली के वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि कोरोनावायरस (कोविड-19) सिर्फ एक स्वास्थ्य संकट नहीं है, बल्कि यह दुनिया में सबसे खतरनाक आर्थिक संकट पैदा करने वाला है। सिसोदिया ने इसके लिए जीएसटी परिषद से चर्चा करने और सिस्टम की विफलता से बचने के लिए पर्याप्त कदम उठाने का आग्रह किया। सिसोदिया ने शनिवार को ट्वीट किया, कोरोना केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं है। यह सबसे खतरनाक आर्थिक संकट होने जा रहा है, जिसका सामना दुनिया करेगी। इस संकट के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर नौकरियों का नुकसान होगा और सरकार को राजस्व की कमी होगी। मैंने जीएसटी परिषद से मांग की है कि इस पर चर्चा करनी चाहिए और सिस्टम के विफल होने से पहले ही एक्शन लेना चाहिए। जीएसटी काउंसिल की शनिवार को 39वीं बैठक हो रही है।

सामाजिक तनाव और आर्थिक विकास एकसाथ संभव नहीं : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से उत्पन्न हालात और गहराते आर्थिक संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक तनाव के कारण आर्थिक विकास संभव नहीं है। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने बजट पर चर्चा की शुुरुआत करते हुए आज कहा कि सरकार सीएए, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) जैसे कानून लाएगी तो इससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। देश की अर्थव्यस्था को बेहतर करने के लिए सरकार को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना होगा। सामाजिक तनाव के साथ आर्थिक विकास की परिकल्पना करना संभव नहीं है। तिवारी ने कहा कि सात दशक पहले संविधान को अपनाया गया जिसमें लोगों को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय देने वादा किया था और सामाजिक एवं राजनीति न्याय तो कुछ हद तक मिल गया है लेकिन आर्थिक न्याय अब भी सही मायने में नहीं मिल पा रहा है। इसे भी पढ़ें :- केंद्र सरकार ने राममंदिर ट्रस्ट को एक रुपया नकद दान दिया देश का 73 प्रतिशत धन एक प्रतिशत लोगों को पास है। देश के आर्थिक ढांचे को बेहतर करने के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए। सरकार ने 125 करोड़ देशवासियों के लिए जो आर्थिक ढांचा… Continue reading सामाजिक तनाव और आर्थिक विकास एकसाथ संभव नहीं : कांग्रेस

अव्यवस्था और आर्थिकी की चिंता

पूरा देश अराजकता के दौर में पहुंचता दिख रहा है। हर जगह किसी न किसी तरह की अव्यवस्था पैदा हो गई है या जान बूझकर पैदा कर दी गई है। इस अराजकता और अव्यवस्था के बीच सबसे बड़ी चिंता आर्थिकी को लेकर है। अलग अलग कारणों से देश के अलग अलग इलाकों में आर्थिकी ठप्प पड़ी है।

उड़ने वाले सिर्फ रह गए बैठे ठाले!

गत सप्ताह इस कॉलम में भवानी प्रसाद मिश्र की जिस कविता का मैंने पठन कराया था उसकी एक लाईन मुझे बार-बार याद हो आती है- उड़ने वाले सिर्फ रह गए बैठे ठाले! यह लाईन 21वीं सदी के भारत में नोटबंदी के बाद की वह हकीकत है जिस पर जितना सोचेंगे कम होगा।

जेल के राशन का भी पैसा नहीं!

हैरान करने वाली बात है पर चूंकि पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने खुद यह बात कही है इसलिए इसे गलत बता कर खारिज नहीं किया जा सकता है। बादल ने बताया है कि पंजाब के पास अपने जेलों में राशन मुहैया कराने के लिए पैसा नहीं है।

बेरोजगारी में मनरेगा सहारा

यह देश में गहराते आर्थिक संकट की एक और मिसाल है। हाल में मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों में 18 से 30 वर्षों के युवाओं का अनुपात बढ़ा है। इससे पहले इसमें लगातार कमी आ रही थी।

पीयूष गोयल पर प्रियंका का निशाना

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पर निशाना साधा। देश की आर्थिकी और नोबल पुरस्कार विजेती अभिजीत बनर्जी पर किए गए गोयल के बयान को लेकर प्रियंका ने पलटवार किया।

फिल्मों की कमाई के आंकड़े से मंदी का जवाब!

दुनिया मान रही है कि भारत में आर्थिक मंदी आई हुई है। भारत का रिजर्व बैंक मान रहा है, जिसने चालू वित्त वर्ष के विकास दर का अनुमान सात फीसदी के ऊपर से घटा कर 6.1 पर ला दिया है। सरकार की पसंदीदा विदेशी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने तो विकास दर का अनुमान घटा कर 5.8 फीसदी कर दिया है।

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