Indian foreign policy

  • ना रुख, ना रणनीति

    भारत सरकार की चुप्पी देश में लाचारी का बोध पैदा कर रही है। भारतीय विदेश नीति ऐसे मुकाम पर क्यों आ पहुंची, जिसमें ना कोई स्पष्ट रुख दिखता है, और ना ही देश की स्वतंत्र पहचान की रक्षा करने की कोई रणनीति?    पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद के दोनों सदनों में बयान दिया, लेकिन विपक्षी सदस्यों को उस पर सवाल पूछने या स्पष्टीकरण मांगने का मौका नहीं दिया गया। विपक्ष इस बेहद गंभीर संकट पर संसद में बहस चाहता है, लेकिन सत्ता पक्ष को उस पर एतराज है! नतीजतन, सरकार जितना कहना चाहती...

  • यह कैसी भारत की विदेश नीति?

    indian foreign policy: केंद्र सरकार का यह प्रचार बहुत जोर शोर से चलता है कि विदेश में भारत का डंका बज रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर को बहुत सफल बताया जाता है। भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को छोड़ कर आमतौर पर लोग जयशंकर की आलोचना नहीं करते थे। लेकिन अब विदेश मामलों के बड़े जानकार, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा है, वे भी सवाल उठा रहे हैं कि यह भारत की कैसी विदेश नीति है कि वह पड़ोस में ही अलग थलग होता जा रहा है। पड़ोस का कोई भी देश भारत का सम्मान नहीं कर रहा...