धुंध, दोष और दर्द की पड़ताल: ‘कोहरा 2’
लेखक गुंजित चोपड़ा और डिग्गी सिसोदिया अपराध को सनसनी नहीं बनाते। वे उसे सामाजिक संरचना की उपज की तरह देखते हैं। ...
लेखक गुंजित चोपड़ा और डिग्गी सिसोदिया अपराध को सनसनी नहीं बनाते। वे उसे सामाजिक संरचना की उपज की तरह देखते हैं। ...
अर्थशास्त्री इस स्थिति को लेकर सावधान हैं। जगदीश भगवती ने पहले ही चेताया था कि बहुत सारे अलग-अलग व्यापार समझौते ...
उन्होंने 1876 में स्वराज्य का नारा दिया। सत्यार्थ प्रकाश के षष्ठम समुल्लास में उन्होंने साफ लिखा
कोई देश केवल घोषणा करके तकनीकी महाशक्ति नहीं बन जाता। तकनीकी शक्ति धीरे-धीरे बनती है—दशकों की म...
अब तमाम शैक्षिक संस्थानों में छात्रों को स्थाई रूप से आपसी द्वेष, डर और आक्रोश...
प्राचीन धरोहरें किसी एक धर्म, समाज या देश की संपत्ति नहीं होती बल्कि पूरे विश्...
बात सिर्फ व्यापार समझौते भर की नहीं है। मुद्दा उससे कहीं बड़ा है। मार्क कार्नी ने दावोस में कहा था कि दुनिया में...
बजट के प्रावधानों से प्रकट होता है कि भारत अपनी क्षमताओं का विस्तार करने वाला है ताकि दुनिया के बाजार में भारत क...
कितनी गजब बात है। क्या दुनिया के किसी देश, किसी संसद में ऐसा हुआ जो पहली बात सदन के नेता को स्पीकर बोले कि आपको भाषण नही...
"गांधी टॉक्स" दो समानांतर जीवन-रेखाओं पर चलती है। एक ओर है विजय सेतुपति का किरदार जो कि एक आम आ...
नई दिल्ली आज जिस बदलाव को “ऐतिहासिक रीसेट” ब...
अगस्त 2020 में जब लद्दाख की सीमा के रेज़िन ला पर चीनी बख़्तरबंद दस्ते हिमालयी ...
ऋग्वेद का यह मंत्र सहयोग, संवाद और एकजुट संकल्प के महत्व पर बल देता है। यह बता...
समझौता वैश्विक अनिश्चितताओं, जैसे कि अमेरिकी टैरिफ और चीन से व्यापार विचलन के ...