नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने शनिवार शाम ऑनलाइन बैठक की, जिसमें संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरने की साझा रणनीति और देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और कुछ अन्य नेता शामिल रहे।
इस बैठक में करीब 20 दलों ने भाग लिया। पहले यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास ‘10 राजाजी मार्ग’ पर होनी थी, लेकिन कुछ प्रमुख नेताओं की दिल्ली में अनुपलब्धता के कारण यह बैठक डिजिटल माध्यम से बुलाई गई। इस बैठक से एक दिन पहले, गठबंधन को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को ‘इंडिया’ गठबंधन से दूरी बनाते हुए कहा कि वह अब विपक्षी गठजोड़ का हिस्सा नहीं है और इसका नेतृत्व करने में कांग्रेस पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा था कि मानसून सत्र के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के हमलावरों के अब तक न्याय के कठघरे से बाहर रहने, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कुछ रक्षा अधिकारियों के खुलासे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावे और चीन के विषय पर कम से कम दो दिन की चर्चा होनी चाहिए तथा इस मांग को लेकर कोई समझौता नहीं हो सकता। विपक्ष यह मांग भी करेगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आकर इन विषयों पर जवाब दें।
उन्होंने कहा कि संसद में गतिरोध टालना और कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं, सरकार की है। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है और 21 अगस्त तक कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की बैठक लंबे समय बाद हुई है।
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