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पाकिस्तान में सरकार का मजाक

शरीफ

अगर पाकिस्तान में सोशल मीडिया ट्रेंड की बात करें तो वहां भारत के मुकाबले कम चर्चा है। वहां के लोग दहशत में नहीं दिख रहे हैं। वे खुद कह रहे हैं कि जितनी बुरी स्थिति है उससे बुरी क्या होगी। वे अपनी सरकार का मजाक उड़ा रहे हैं। बहुत थोड़े से लोग हैं, जो राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं वे जरूर भारत पर नाराजगी दिखा रहे हैं और हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कर रहे हैं लेकिन आम पाकिस्तानी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है या दे रहा है तो मजाक उड़ा रहा है और मीम्स बना रहा है। यहां तक कि बिलावल भुट्टो ने जब कहा कि भारत ने पानी रोका तो खून बहेगा, तब भी लोगों ने उसका मजाक उड़ाया। बिलावल ने कहा था कि या तो पाकिस्तान का पानी बहेगा या भारत का खून तो लोगों ने पानी की ही मांग की। पाकिस्तान की सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा मीम्स पानी को लेकर बन रहे हैं। इसके बाद गैस को लेकर भी मीम्स बन रहे हैं। सोशल मीडिया की यह पोस्ट भी काफी वायरल हुई कि जंग लडनी है तो नौ बजे से पहले लड़ लेना, सवा नौ बजे तक हमारी गैस चली जाती है।

पाकिस्तान में इस बार यह देखने को मिला कि लोग प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। आमतौर पर ऐसी घटनाओं के बाद या जंग की आहट होने पर पार्टियों की ओर से रैलियां की जाती हैं, आतंकवादी और कट्टरपंथी संगठन रैलियां करते हैं लेकिन इस बार कुछ नहीं हो रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने पहलगाम में हमला करने वालों को फ्रीडम फाइटर कहा तो पाकिस्तान में उनके समर्थन में कोई प्रदर्शन नहीं हुआ और न उनके पोस्टर लगे। कुछ लोग इसको रणनीति मान सकते हैं लेकिन जानकारों का कहना है कि इस बार पाकिस्तान के आम लोग ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। उन्होंने फ्रीडम फाइटर्स के पक्ष में प्रदर्शन नहीं किया और न सिंधु जल समझौता रोकने या भारत की ओर से कई कूटनीतिक कदम उठाने के खिलाफ भी कोई प्रदर्शन हुआ। पाकिस्तान के लोगों ने ही सोशल मीडिया में यह मजाक ट्रेंड कराया कि पाकिस्तान ने इतना कर्ज लिया है कि कर्ज देने वाले ढाल बन जाएंगे और भारत से पाकिस्तान को बचाएंगे। बाद में यह भारत में काफी वायरल हुआ।

हां, यह जरुर है कि पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना तैयारी करते दिख रहे हैं। उधर बयानबाजी भी खूब हो रही है और मीडिया में खबरें भी प्लांट कराई जा रही हैं। पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख आसीम मलिक को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया गया है। पहली बार ऐसा हुआ है कि आईएसआई चीफ को यह जिम्मेदारी मिली है। दो साल से एनएसए का पद खाली था। इसी तरह से बांग्लादेश में आईएसआई के पैठ बढ़ाने और पूर्वोत्तर में भारत को घेरने की तैयारियों की खबरें भी आ रही हैं। अलग अलग पार्टियों के नेता पानी रोकने पर खून बहाने और हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान की सेना भी नियंत्रण रेखा पर लगातार फायरिंग कर रही है। सेना, आईएसआई और राजनीतिक दलों ने माहौल गरमा रखा है, अन्यथा पाकिस्तान में ज्यादा चर्चा नहीं है और न तनाव है।

By हरिशंकर व्यास

मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक और पत्रकार। नया इंडिया समाचारपत्र के संस्थापक-संपादक। सन् 1976 से लगातार सक्रिय और बहुप्रयोगी संपादक। ‘जनसत्ता’ में संपादन-लेखन के वक्त 1983 में शुरू किया राजनैतिक खुलासे का ‘गपशप’ कॉलम ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ तक का सफर करते हुए अब चालीस वर्षों से अधिक का है। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम की प्रस्तुति। सप्ताह में पांच दिन नियमित प्रसारित। प्रोग्राम कोई नौ वर्ष चला! आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों की बारीकी-बेबाकी से पडताल व विश्लेषण में वह सिद्धहस्तता जो देश की अन्य भाषाओं के पत्रकारों सुधी अंग्रेजीदा संपादकों-विचारकों में भी लोकप्रिय और पठनीय। जैसे कि लेखक-संपादक अरूण शौरी की अंग्रेजी में हरिशंकर व्यास के लेखन पर जाहिर यह भावाव्यक्ति -

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