देश में मुख्य चुनाव आयुक्त की कथित वोट चोरी और विपक्ष के प्रदर्शन की ज्यादा चर्चा हो रही है तो बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव की गहमागहमी है। इसमें भी पटना स्नात्तक की सीट अखिल भारतीय दिलचस्पी वाली सीट बन गई है। इसका कारण यह है कि मोकामा से जनता दल यू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने संकल्प किया है कि वे नीरज कुमार को हराएंगे। इसके लिए उन्होंने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के अनुज सिंह को अपना उम्मीदवार बना कर उनके लिए प्रचार शुरू किया है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह दोनों नेताओं के बीच सुलह कराएंगे लेकिन ललन सिंह ने इससे इनकार कर दिया है।
दूसरी ओर नीतीश कुमार ने अपने हाथ से नीरज कुमार को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार बनाने का पत्र सौंपा तो उनके बेटे निशांत कुमार ने खुद जाकर नीरज कुमार का नामांकन कराया। सो, एक तरफ नीतीश और निशांत हैं और उनकी इच्छा से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाल रहे संजय झा हैं तो दूसरी ओर अनंत सिंह हैं, जिनको ललन सिंह का समर्थन मिला हुआ है। यह एमएलसी की एक सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि जनता दल यू में वर्चस्व की लड़ाई बन गया है। अगर अनंत सिंह पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को हरा देते हैं तो इससे उनके राजनीतिक कद पर कोई बड़ा असर नहीं होगा लेकिन पार्टी के अंदर ललन सिंह का वर्चस्व बढ़ेगा। नीतीश कुमार के निष्क्रिय होने के बाद से हाशिए में जा रहे ललन सिंह फिर जदयू की राजनीति में मजबूत होंगे।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



