दिल्ली में कांग्रेस पार्टी ने अपने कोटे के उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किए हैं। आम आदमी पार्टी के कोटे के चारों उम्मीदवारों के नाम तय हो गए है और वे प्रचार भी कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी चाहती है कि कांग्रेस जल्दी अपने उम्मीदवारों की घोषणा करे ताकि साझा प्रचार हो सके।
इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से उनकी पार्टी को एक मुद्दा मिल गया है। अब कांग्रेस हो या आप या भारतीय जनता पार्टी हो सबका मुद्दा सिर्फ अरविंद केजरीवाल हैं। अब दिल्ली में किसी दूसरे मुद्दे की चर्चा नहीं हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में घर घर गारंटी योजना लॉन्च की लेकिन उसका कोई माहौल बनता नहीं दिख रहा है।
इसके उलट सारी पार्टियां, सारे नेता और यहां तक कि आम मतदाता भी सिर्फ केजरीवाल की बात कर रहे हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि बात कर रहे हैं तो उनका समर्थन कर रहे हैं या उनके प्रति सहानुभूति हो रही है। लेकिन चुनावी चर्चा के केंद्र में सिर्फ केजरीवाल हैं। उनकी पार्टी ने केजरीवाल के समर्थन में सार्वजनिक उपवास किया तो भाजपा ने केजरीवाल के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन किया।
ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुद्दा उतना नहीं है, जितना केजरीवाल है। केजरीवाल के पक्ष में या उनके विरोध में मतदाताओं की गोलबंदी हो रही है और यह भी लग रहा है कि कांग्रेस को भी इसी मसले पर वोट मांगना होगा। पहले कांग्रेस के नेता केजरीवाल का नाम लेने से हिचक रहे थे लेकिन अब उनको लग रहा है कि इसी नाम पर चुनाव लड़ना होगा।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



