यह लाख टके का सवाल है क्योंकि देश की तमाम विपक्षी पार्टियां और चुनाव विश्लेषक महाराष्ट्र को स्विंग स्टेट मान रहे हैं। उनको लग रहा है कि कर्नाटक, बिहार, झारखंड जैसे कुछ राज्यों के साथ साथ महाराष्ट्र से भाजपा को सबसे बड़ा झटका लगेगा। महाराष्ट्र को लेकर कई किस्म की अटकलों के बीच राज्य के सबसे अनुभवी और पुराने नेता शरद पवार ने अपना अंदाजा जाहिर किया है। पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र में कम से कम 50 फीसदी सीटें विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी को मिलेंगी। इसका मतलब है कि राज्य की 48 में से कम से कम 24 सीटें जीतने की उम्मीद शरद पवार कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसमें भाजपा की कितनी सीटें होंगी।
गौरतलब है कि पिछले चुनाव में भाजपा को राज्य में 23 सीटों पर सफलता मिली थी। उसने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 23 जीती थी। इस बार वह 28 सीटों पर लड़ रही है। असली सवाल यही है कि भाजपा अपनी जीती सीटों में से कितनी गंवा रही है। उसकी सहयोगी पार्टियों शिव सेना और एनसीपी को तो नुकसान हो रहा है लेकिन क्या भाजपा को नुकसान हो रहा है? यह सबसे बड़ा सवाल है क्योंकि विपक्षी नेता, जो भाजपा की सीटें कम होने का अनुमान लगा रहे हैं उनकी उम्मीदें इस बात पर ही टिकी हैं कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में भाजपा को नुकसान होगा। लेकिन शरद पवार की बातों से ऐसा लग रहा है कि ज्यादा नुकसान सहयोगी पार्टियों को हो रहा है और भाजपा की सीटों में बहुत मामूली अंतर आने की संभावना है।
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