भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने चुनाव से पीछे हटने से मना कर दिया है। वे भाजपा के बड़े नेता हैं और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री रहे हैं। वे प्रतिष्ठा की लड़ाई वाली शिवमोगा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट से बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई राघवेंद्र उम्मीदवार हैं।
वे पहले से इस सीट पर सांसद हैं। गौरतलब है कि ईश्वरप्पा ने अपने बेटे केई कांतेश के लिए बगल की हावेरी सीट से टिकट मांगा था। खुद ईश्वरप्पा ने विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा था। तब माना जा रहा था कि वे 75 साल के हो गए हैं अब उनके बेटे को भाजपा आगे करेगी। लेकिन उनके बेटे को टिकट नहीं मिली।
दूसरी ओर येदियुरप्पा को भाजपा संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया। उनके बेटे बीआई विजयेंद्र को विधानसभा की टिकट मिली और चुनाव जीतने के बाद वे प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। अब येदियुरप्पा के दूसरे बेटे राघवेंद्र को फिर से लोकसभा की टिकट मिल गई है। सो, ईश्वरप्पा बागी हो गए। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर शिवमोगा से नामांकन भर दिया।
अब येदियुरप्पा परेशान हैं तो भाजपा के शीर्ष नेता भी परेशान हैं। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर्नाटक गए तो उन्होंने ईश्वरप्पा को बुला कर मुलाकात की। लेकि ईश्वरप्पा ने नाम वापस लेने से साफ साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे बहुत आहत हुए हैं और इसलिए चुनाव लड़ेंगे। अमित शाह ने उनको बुधवार को भी मिलने के लिए बुलाया लेकिन उन्होंने पहले ही कह दिया कि वे मिलेंगे लेकिन उनके ऊपर नाम वापस लेने का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
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