महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस, उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने एक साथ प्रेस कांफ्रेंस करके ऐलान कर दिया है कि विधानसभा चुनाव में गठबंधन बना रहेगा और तीनों पार्टियां साथ मिल कर लड़ेंगी। लेकिन अब तीनों पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा होने वाला है। सीटों की साझेदारी पर बातचीत शुरू हो गई है। जानकार सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में जितनी आसानी से सीटों का बंटवारा हो गया था विधानसभा में सीटों की साझेदारी उतनी आसान नहीं होगी। क्योंकि लोकसभा चुनाव के समय दावा चाहे जो किया जा रहा हो सबको लग रहा था कि केंद्र में गठबंधन की सरकार नहीं बनने जा रही है। लेकिन विधानसभा चुनाव में तीनों पार्टियां मान रही हैं कि उनकी सरकार बनेगी।
तभी यह भी कहा जा रहा है कि जिसकी ज्यादा सीटें होंगी उसका मुख्यमंत्री बनेगा। लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिव सेना ज्यादा सीटों पर लड़ी थी लेकिन कांग्रेस को उससे ज्यादा सीट मिली। कांग्रेस ने 13 और उद्धव ठाकरे व शरद पवार की पार्टी ने नौ-नौ सीटें जीती हैं। तभी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कांग्रेस के ज्यादा सीटों पर लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे की पार्टी मान रही है कि गठबंधन उद्धव के चेहरे पर चुनाव लड़ेगा और इसलिए उनकी शिव सेना को ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। सिर्फ 10 सीटों पर लड़ कर नौ सीट जीतने वाली शरद पवार की पार्टी का स्ट्राइक रेट सबसे अच्छा है इसलिए वह ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है। अगले कुछ दिन में तीनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे की बात शुरू होगी।
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