कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने क्या असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ पार्टी की राय लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की थी? यह बड़ा सवाल है क्योंकि खेड़ा के प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिंकी भुइंया सरमा के ऊपर गंभीर आरोप लगाने के बाद से कांग्रेस ने उनसे पल्ला झाड़ लिया है। हालांकि कांग्रेस ने उनकी बातों का खंडन नहीं किया है और न यह कहा है कि यह उनका निजी बयान है। लेकिन यह भी सही है कि इस बयान के बाद खेड़ा के ऊपर जो हमला शुरू हुआ उसमें कांग्रेस के नेता उनका बचाव नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस के महासचिवों या वरिष्ठ नेताओं ने न तो उनके समर्थन में बयान दिया है और न उनके बयान को मीडिया में दोहराया है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी के अनेक महासचिव और प्रभारी बिना राज्यसभा के हैं और सबको लग रहा है कि इससे पवन खेड़ा का नंबर बढ़ रहा है। जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से बड़ी खींचतान है।
बहरहाल, पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि रिंकी भुइंया सरमा के पास तीन पासपोर्ट है, जिसमें से दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सरमा परिवार की एक कंपनी अमेरिका के टैक्स हैवन राज्य वायोमिंग में हैं। इसमें रिंकी भुइंया सरमा के साथ साथ हिमंत बिस्वा सरमा की भी हिस्सेदारी है। चुनाव प्रचार बंद होने से दो दिन पहले लगाए गए इस आरोप पर कांग्रेस को लीड लेनी चाहिए थी लेकिन कांग्रेस खामोश हो गई प्रदेश के नेताओं ने भी इसे मुद्दा नहीं बनाया।
कांग्रेस के कई नेता अनौपचारिक बातचीत में लोगों से कह रहे हैं कि पवन खेड़ा का यह निजी उद्यम है। उनकी अपनी खुन्नस हिमंता से है। एक बार असम की पुलिस मानहानि के मामले में पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने दिल्ली आ गई थी और उनको साथ लेकर जा रही थी। बड़े नाटकीय घटनाक्रम के बाद उनको इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से छुड़ाया गया था। यह भी कहा जा रहा है कि चूंकि राहुल गांधी पर हिमंता बहुत निजी हमले करते हें इसलिए पवन खेड़ा ने उनको निशाना बनाया ताकि राहुल खुश हों।
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