कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले एक संतुलन बनाने का प्रयास किया है। आलाकमान की ओर से भेजे गए अजय माकन ने कुछ दिन पहले अपनी रिपोर्ट दी थी। उस रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने एक फॉर्मूला तैयार किया है, जिसमें जाट सिख और दलित का संतुलन बनाया गया है। हिंदू वोट के लिए कांग्रेस क्या करेगी यह देखने वाली बात होगी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य के प्रभारी हैं। बहरहाल, कांग्रेस ने तय किया है कि चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष बदलना ठीक नहीं होगा। इसलिए अमरिंदर सिंह वारिंग को अध्यक्ष बनाए रखा गया है। लेकिन साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी एडजस्ट किया गया है।
कांग्रेस ने चन्नी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बना दिया है। साथ ही प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए रखा गया है। इस तरह से कांग्रेस ने दलित नेता चन्नी का कद बढ़ाया है। चन्नी पहले से संसद की कृषि मामलों की समिति के अध्यक्ष हैं और अब उनकी कमान में कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। गौरतलब है कि कांग्रेस के चार नेताओं अमरिंदर सिंह वारिंग, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच इस बात की होड़ मची है कि पार्टी उनका चेहरा आगे करके चुनाव लड़े। ये चारों सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे। कांग्रेस अभी चारों को साथ लेकर चल रही है। जानकार सूत्रों का कहना है कि चारों ज्यादा से ज्यादा अपने लोगों को टिकट दिलाने की कोशिश करेंगे।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



