नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने 46 साल की उम्र के नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है तो निश्चित रूप से उनको बुजुर्ग लोगों की टीम नहीं सौंपी जाएगी। उनकी टीम नए लोगों की होगी। उनसे ज्यादा उम्र के कम ही लोग टीम में होंगे और उनकी उम्र में 60 साल से ज्यादा नहीं होने की खबर है। अगर ऐसा होता है तो ज्यादातर पुराने चेहरे संगठन से गायब होंगे। उनकी जगह नए लोग आएंगे। खास कर उपाध्यक्षों में बदलाव की ज्यादा चर्चा है। ध्यान रहे भाजपा के 11 उपाध्यक्ष हैं। हालांकि उनके पास कोई खास काम नहीं होता है। वैजयंत जय पांडा जैसे एकाध लोगों को छोड़ दें तो ज्यादातर की कोई सक्रियता नहीं दिखती है। वसुंधरा राजे या सरोज पांडे, लक्ष्मीकांत बाजपेयी या सौदान सिंह, रेखा वर्मा, अब्दुल्ला कुट्टी या तारिक मंसूर आदि की सक्रियता नहीं दिखती है। इनकी जगह नए और युवा उपाध्यक्ष लाए जा सकते हैं। लता उसेंडी, डीके अरुणा और एम चुब्बा राव भी उपाध्यक्ष हैं।
ऐसे ही पार्टी के छह महामंत्री हैं। अरुण सिंह, दुष्यंत गौतम, तरुण चुघ, विनोद तावड़े, सुनील बंसल और राधामोहन दास अग्रवाल। इनमें से कौन संगठन में रहेगा, कौन सरकार में जाएगा और कौन बाहर होगा इसकी अटकलें लगाई जा रही हैं। लेकिन यह तय है कि कुछ युवा महामंत्री बनाए जाएंगे। यूपी से कोई ब्राह्मण चेहरा आएगा। कम से कम एक महिला महामंत्री की चर्चा है। सचिवों की टीम अपेक्षाकृत युवा नेताओं की है। इसलिए उसमें कम बदलाव की चर्चा है। भाजपा के प्रवक्ताओं की सूची बहुत लंबी है। इनमे से ज्यादातर निष्क्रिय रहते हैं। वहां कुछ नए चेहरे लाए जा सकते हैं।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



