प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वालों की बात चली है तो उसमें एक दिलचस्प मुलाकात पिछले दिनों हुई। लद्दाख के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की दिल्ली में प्रधानमंत्री से औपचारिक मुलाकात हुई। कहा जा रहा है कि वे बहुत दिन से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांग रहे थे। लेकिन समय नहीं मिल रहा है। समय मिला और वे मोदी से मिले तो उसके बाद उनकी किसी और पोस्टिंग की चर्चा शुरू हो गई। असल में वीके सक्सेना दिल्ली में लंबे समय तक उप राज्यपाल रहे। दिल्ली का उप राज्यपाल रहने का बाद लद्दाख की पोस्टिंग उनको अच्छी नहीं लग रही है। हालांकि भाजपा के जानकार नेताओं का कहना है कि कुछ नहीं मिलने से तो अच्छा है कि लद्दाख में हैं। ध्यान रहे नरेंद्र मोदी से उनका जुड़ाव गुजरात के दिनों से है, जब वे नर्मदा बचाओ आंदोलन के खिलाफ मुहिम चलाए हुए थे।
बहरहाल, जब उनके दिल्ली से विदा होने की चर्चा थी तब कहा जा रहा था कि वे जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल बनाए जाएंगे। पिछले साल ही मनोज सिन्हा के बतौर उप राज्यपाल पांच साल पूरे हुए। तब उनके हटने की चर्चा थी। लेकिन वे पद पर बने रहे और सक्सेना को लद्दाख जाना पड़ा। अब कहा जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से सरकार की बात कराने में उन्होंने परदे के पीछे से बड़ी भूमिका निभाई। यह भी कहा जा रहा है कि वांगचुक से उनके संबंध काफी अच्छे हैं और वांगचुक भी चाहते हैं कि वीके सक्सेना कहीं अच्छी पोस्टिंग हासिल करें। प्रधानमंत्री इस बात का कितना ख्याल रखेंगे, कहा नहीं जा सकता है। लेकिन यह चर्चा है कि अगले कुछ दिनों में कई राज्यपाल बदले जाने हैं। उस समय वीके सक्सेना को कोई अच्छी पोस्टिंग मिल सकती है।
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