चीन की बौखलाहट और क्वाड का भविष्य

हाल में क्वाड देशों- भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा संवाद हुआ। वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न इस अनौपचारिक स्वरूपी सम्मेलन का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि पहली बार चारों देशों के राष्ट्रप्रमुखों ने बैठक की। यूं

Bangladesh Independence की सच्ची कहानी : वह सगत सिंह राठौड़ थे जिनकी वजह से भी पूर्वी पाकिस्तान आज बांग्लादेश है

जयपुर | मोदीजी एक दिन पहले बोल गए कि बांग्लादेश की स्वाधीनता में उनका भी किंचित योगदान है। रहा होगा, बहुतों का रहा है। इसीलिए तो इंदिरा गांधी ने दुनिया के नक्शे से पूर्वी पाकिस्तान का निशान और नाम दोनों मिटा दिया। नया राष्ट्र मिला बांग्लादेश, लेकिन एक कहानी लेफ्टीनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की… Continue reading Bangladesh Independence की सच्ची कहानी : वह सगत सिंह राठौड़ थे जिनकी वजह से भी पूर्वी पाकिस्तान आज बांग्लादेश है

चीन की धमकी कमजोरों पर ही

अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ लेकर चीन को ताकत दिखाई है। बदले में चीन  ने यूरोपीय संघ को निशाना बनाया है। उसने यूरोपीय संघ के देशों पर जवाबी पाबंदी लगाई है। वहां के राजनयिकों को रोकने के अलावा कारोबार बंद करने सहित कई किस्म की पाबंदियों का ऐलान चीन ने किया है।

श्रीलंका पर भारत की तटस्थता

श्रीलंका के मामले में भारत अजीब-सी दुविधा में फंस गया है। पिछले एक-डेढ़ दशक में जब भी श्रीलंका के तमिलों पर वहां की सरकार ने जुल्म ढाए, भारत ने द्विपक्षीय स्तर पर ही खुली आपत्ति नहीं की बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी तमिलों के सवाल को उठाया

World TB Day 2021 : भारत में अभी भी TB से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा – रिपोर्ट

New Delhi: आज विश्वभर में  TB Day मनाया जा रहा है. प्रत्येक साल 24 मार्च को World TB Day  के रुप में मनाया जाता है. इसे क्षय रोग के नाम से भी जाना जाता है. विश्व टीबी दिवस पर वर्ल्ड स्वास्थय संगठन (WHO) ने एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के अनुसार टीबी से… Continue reading World TB Day 2021 : भारत में अभी भी TB से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा – रिपोर्ट

अपने-अपने दांव

अमेरिका ने एक साथ चीन और रूस दोनों के प्रति हमलावर रुख अपनाया है। नतीजा यह हुआ है कि चीन और रूस अब ज्यादा करीब आने को मजबूर हो गए हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका और चीन के बीच अलास्का नाकाम रही। वहीं जो बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के ‘हत्यारा’ कह दिया।

बात और बिगड़ गई है

ये आशंका अब गहरा गई है कि टकराव लंबा चला तो दुनिया के दो खेमों में बंट सकती है। बैठक की शुरुआत में जिस तरह की तू तू- मैं मैं देखने को मिली, वह भविष्य के लिए खराब संकेत है। चीन अपनी वो गतिविधियां अब और तेज कर देगा, जिन पर हाल के महीनों में अमेरिका को एतराज रहा है।

बाइडेन में है दम, मोदी सुधरें और लपकें मौका

यह शीर्षक अपने डॉ. वेदप्रताप वैदिक की थीसिस के विपरीत है। वैदिकजी भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया केक्वाड यानी‘क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग’ अर्थात चीन विरोधी मोर्चे परइस अखबार में लिख चुके हैं कि भारत क्यों किसी का मोहरा बने

भारत गूंगी गुड़िया क्यों बना रहे?

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के हिसाब से कल तीन महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। एक तो अलास्का में अमेरिकी और चीनी विदेश मंत्रियों की झड़प, दूसरी मास्को में तालिबान-समस्या पर बहुराष्ट्रीय बैठक और तीसरी अमेरिकी रक्षा मंत्री की भारत-यात्रा। इन तीनों घटनाओं का भारतीय विदेश नीति से गहरा संबंध है। यदि अमेरिकी और चीनी विदेशमंत्रियों के बीच हुई बातचीत में… Continue reading भारत गूंगी गुड़िया क्यों बना रहे?

अमेरिका के असली इरादे जाहिर हुए

चौगुटे की असलियत जल्दी ही सामने आ गई। चौगुटे के चारों राष्ट्रों के नेताओं ने अपने-अपने भाषण में चीन का नाम तक नहीं लिया था और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक लचीले और समावेशी संगठन की बात कही थी

क्या अब पिघलेगी बर्फ?

फिलहाल इसे सकारात्मक माना जा रहा है कि डॉनल्ड ट्रंप के दौर में बढ़े तनाव के बाद अब दोनों पक्ष आमने-सामने बैठ कर बातचीत करने के लिए तैयार हुए हैं। लेकिन इससे ज्यादा कुछ हासिल होगा, इसकी संभावना नहीं है। अस्पष्टता इतनी है कि बातचीत का खाका भी तय नहीं हो सका है।

क्वाड नहीं है सॉफ्ट डिप्लोमेसी का मंच

सवाल है कि हिंद-प्रशांत में शांति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित व्यवस्था बनाने के लिए क्वाड के देश किस तरह से काम करेंगे? क्या इसके लिए क्वाड के देश कोई सैन्य गठजोड़ करने वाले हैं?

भारत क्यों बने किसी का मोहरा ?

भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया— इन चार राष्ट्रों के चौगुटे का जो पहला शिखर-सम्मेलन हुआ

अमेरिका की प्राथमिकता क्या?

जब क्वैड की पहली शिखर बैठक हुई, तो जिन मुद्दों को इस गुट ने ज्यादा महत्त्व देकर प्रचारित किया, उनमें सुरक्षा का सवाल नहीं था। बल्कि उसमें कोरोना वैक्सीन और जलवायु परिवर्तन को ज्यादा अहमियत मिली। जबकि इस गुट को चीन का असर नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है।

जानें, कोरोना से दुनिया को डराने के बाद क्यों पीली पड़ी चीन की राजधानी बीजिंग

New Delhi: पूरी दुनिया को कोरोना (Corona) ने परेशान किया है. ये परेशानी भी ऐसी की कई देश अबतक इससे उबर नहीं पाये हैं. यहीं कारण है कि अब विश्व के सभी देशों का ध्यान चीन(China) में होने वाली हर हलचल पर होती है. सोमवार की सुबह चीन के लिए खास थी. चीन की राजधानी… Continue reading जानें, कोरोना से दुनिया को डराने के बाद क्यों पीली पड़ी चीन की राजधानी बीजिंग

क्वाड बैठक : हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते वर्चस्व पर नकेल कसने के लिए बने चार देशों के समूह क्वाड की पहली ऑनलाइन बैठक शुक्रवार को हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील की।

भारत को सीमाहीन युद्ध के लिए तैयार होना चाहिए : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कहा कि भारत को सीमाहीन युद्ध के लिए जरूर तैयार रहना चाहिए। चीन के साथ सीमा तनाव से निपटने को लेकर केंद्र की तीखी

साइबर हमला, चीन का नया हथियार!

चीन भारत के खिलाफ पारंपरिक युद्ध के साथ साथ साइबर वार भी छेड़े हुए है और इससे निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी करनी चाहिए।

भारत का गौरव क्या चीन, पाक जैसी इमेज?

कोई भक्त हिंदू कह सकता है कि पश्चिम की ‘द इकोनॉमिस्ट’या‘टाइम’ पत्रिका या अखबारया ‘फ्रीडम हाउस जैसे दुनिया की रैंकिंग करने वाले संस्थान, थिंक टैंक क्या लिखते हैं, क्या सोचते हैं इसकी हम हिंदुओं को परवाह नहीं करनी चाहिए। पर ऐसे ही तो पाकिस्तानी, चाइनीज, वहां की सरकारे सोचती हैं

क्या फारुक अब्दुल्ला देशद्रोही हैं ?

देश में कई मुसलमान कवि रामभक्त और कृष्णभक्त हुए हैं लेकिन आपने क्या कभी किसी मुसलमान नेता को रामभजन गाते हुए सुना है ? ऐसे फारुक अब्दुल्ला पर देशद्रोह का आरोप लगाना और उन्हें संसद से निकालने की मांग करना बचकाना गुस्सा ही माना जाएगा।

चीन को खुश रखने की क्या मजबूरी?

अमेरिकी अखबार ‘न्यूयार्क टाइम्स’ ने बताया है कि गलवान की झड़प के बाद चीन ने भारत पर साइबर अटैक किया था और मुंबई की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी थी।

चीन से है ऐसा खतरा

प्रवीण साहनी जैसे रक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से इसकी चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने बार- बार कहा है कि चीन के बरक्स भारत की सैनिक तैयारियां निरर्थक हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ने चीन के साइबर हमले के खिलाफ ग्राहकों को चेताया

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने ग्राहकों को एक नए सोफिस्केटेड नेशन-स्टेट साइबर हमले के खिलाफ आगाह किया है, जिसका मूल चीन में है और मुख्य रूप से दिगग्ज टेक कंपनी के ‘एक्सचेंज सर्वर’ सॉफ्टवेयर को निशाना बना रहा है।

चीन को भारत की क्लीन चिट

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर गतिरोध पैदा कर भारत से टकराव बढ़ाने के साथ साथ चीन साइबर हमले भी कर रहा है।

कब तक टिकेगी सहमति?

ये खबर अचानक आई कि भारत और पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर शांति कायम करने का संकल्प लिया है। पिछले कुछ वर्षों से जैसा माहौल रहा है, उसके बीच ये हैरतअंगेज ही है।

चीन के बाद पाक से भी वार्ता

क्या यह कोई संयोग है या किसी सुविचारित गेम प्लान का हिस्सा है, जो भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में शांति बहाली और सैनिकों की वापसी का समझौता हुआ

भारत ने सभी जगह से सैनिक हटाने को कहा

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी सिरे से भारत और चीन के सैनिकों के पीछे हटने के बाद पहली बार गुरुवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की वार्ता हुई।

जयशंकर -वांग यी ने सवा घंटे तक बात की

पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत एवं चीन की सेनाओं के पीछे हटने पर संतोष व्यक्त करते हुए भारत ने चीन से एलएसी के बाकी हिस्सों से भी सेनाओं

नेपाल में ओली की मुसीबत

नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने एतिहासिक फैसला दे दिया है। उसने संसद को बहाल कर दिया है। दो माह पहले 20 दिसंबर को प्रधानमंत्री के.पी. ओली ने नेपाली संसद के निम्न सदन को भंग कर दिया था

चीन के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा, एलएसी पर चीन के साथ गतिरोध शुरू होने और पिछले साल जून में भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद भारत ने चीन को आर्थिक झटका देने के लिए कुछ बेबी स्टेप्स उठाए थे