पीएम नोटबंदी पर गोलपोस्ट बदल रहे हैं : कांग्रेस

कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नोटबंदी के मामले में गोलपोस्ट बदलने का आरोप लगाया और पूछा कि इसे लेकर जिस तरह के फायदे गिनाए जा रहे थे, क्या वो मिल गए।

नोटबंदी सोची समझी चाल थी : दिग्विजय

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आज आरोप लगाते हुए कहा कि नोटबंदी सोची समझी चाल थी।

अर्थव्यवस्था की बर्बादी नोटबंदी से शुरू हुई थी: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीडीपी विकास दर में भारी गिरावट को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बर्बादी नोटबंदी से शुरू हुई थी और उसके बाद से एक के बाद एक गलत नीतियां अपनाई गईं।

अनुच्छेद 370 हटाने, से जम्मू कश्मीर की स्थिति में कोई बदलाव नहीं: शिवसेना

शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी करने, अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने से जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

नोटबंदी की तरह निर्देश बदले जा रहे

प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे नोटबंदी करने की जो घोषणा की थी उसके बाद अगले तीन महीने में भारतीय रिजर्व बैंक ने दर्जनों दिशा-निर्देश जारी किए थे।

छग : राहुल गांधी ने एनपीआर, एनआरसी की तुलना नोटबंदी से की

रायपुर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को यहां एनआरसी और एनपीआर की तुलना नोटबंदी से की और कहा कि ये दोनों कानून देश की जनता पर नोटबंदी की तरह टैक्स होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण दुनिया में देश की छवि बिगड़ी है। राहुल गांधी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा केंद्र सरकार देश को बांटने में लगी है। एनपीआर हो या एनआरसी, यह देश के गरीबों पर एक टैक्स है। नोटबंदी देश के गरीबों पर एक टैक्स था। नोटबंदी में लोगों को अपने पैसे निकालने के लिए पैसे देने पड़े, यह भी ठीक वैसी ही स्थिति है। गरीब आदमी अफसर के पास जाएगा, अपने कागज दिखाइए, नाम में कुछ गड़बड़ी है तो पैसे दीजिए। गरीबों की जेब से करोड़ों रुपये निकालकर फिर 15 लोगों की जेब में जाएगा। यहां आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने आए राहुल गांधी ने कहा एनपीआर और एनआरसी गरीबों पर एक आक्रमण है। केंद्र सरकार से गरीब पूछ रहा है कि हमें रोजगार कैसे मिलेगा, पैसा जेब से निकाल लिया, हमें मार दिया, लेकिन हमें मिला क्या। देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार पर हमला… Continue reading छग : राहुल गांधी ने एनपीआर, एनआरसी की तुलना नोटबंदी से की

भारत को अनाथालय न बनाएं

केंद्र सरकार में एक से एक अनुभवी और पढ़े-लिखे लोग हैं लेकिन समझ में नहीं आता कि जब मंत्रिमंडल की बैठक होती है तो उनकी बोलती बंद क्यों हो जाती है? वे या तो सोचने-विचारने का बोझ नौकरशाहों के कंधों पर डाल देते हैं या फिर डर के मारे चुप्पी साधे रखते हैं।

नोटबंदी से कालेधन, नकली नोटों को निशाना बनाया गया : सरकार

सरकार का 2016 में 1000 व 500 रुपये के नोटों की नोटबंदी के कदम का मकसद कालेधन को बाहर निकालना, नकली नोटों को खत्म करना

उड़ने वाले सिर्फ रह गए बैठे ठाले!

गत सप्ताह इस कॉलम में भवानी प्रसाद मिश्र की जिस कविता का मैंने पठन कराया था उसकी एक लाईन मुझे बार-बार याद हो आती है- उड़ने वाले सिर्फ रह गए बैठे ठाले! यह लाईन 21वीं सदी के भारत में नोटबंदी के बाद की वह हकीकत है जिस पर जितना सोचेंगे कम होगा।

उफ! शर्मनाक और भयावह!

तब तो दुनिया में भारत की साख अफ्रीका के जिंब्बावे, दक्षिण अमेरिका के बरबाद वेनेजुएला से भी अधिक खराब होनी है। मैंने नोटबंदी के तुरंत बाद आर्थिकी का भट्ठा बैठने का दो टूक जो अनुमान लिखा था उसी अंदाज में आज फिर दुनिया के 200 वैश्विक-भारतीय अर्थशास्त्रियों की भारत सरकार से अपील का सत्व-तत्व समझते हुए लिख रहा हूं कि कहीं भारत की आर्थिकी आग वेनेजुएला, जिब्बावे जैसी ही न हो जाए।

नोटबंदी को भूलने नहीं देंगे: सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर इस फैसले को मोदी सरकार का बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला करार दिया और सवाल किया कि उसे बताना चाहिए इस निर्णय से देश को क्या हासिल हुआ है।

आर्थिक सुस्ती की बड़ी वजह नोटबंदी : सर्वे

इस समय हमारी अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है। कई उद्योगों पर संकट के बादल छाये हुए हैं। बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है तथा नौकरियों की संख्या घट रही है।

नोटबंदी के बाद से 300 फीसद बढ़ा डिजिटल लेनदेन

मुंबई। नोटबंदी के बाद पिछले तीन साल में डिजिटल लेनदेन की संख्या 318 फीसदी बढ़कर 2,800 करोड़ के पार तथा डिजिटल लेनदेन की राशि 167 फीसद बढ़कर 300 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के तीन साल पूरा होने के अवसर पर शुक्रवार को डिजिटल लेनदेन के तीन साल के वार्षिक आंकड़े जारी किए। इनमें बताया गया है कि डिजिटल लेनदेन की संख्या में सितंबर 2016 से सितंबर 2019 के बीच 61 फीसद की सालाना दर से वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2015 से सितंबर 2016 के बीच 680 करोड़ डिजिटल लेनदेन हुये जिनकी संख्या अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 के बीच 2,846 करोड़ पर पहुंच गई। आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2015 से सितंबर 2016 के बीच हुए डिजिटल लेनदेन की कुल राशि 113 लाख करोड़ रुपए रही थी जो अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 के बीच 302 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई। आरबीआई ने बताया कि पिछले एक साल में गैर-नकदी लेनदेन में 96 फीसदी डिजिटल माध्यमों से हुई। इस दौरान 2,846 करोड़ लेनदेन में 252 करोड़ एनईएफटी और 874 करोड़ यूपीआई के माध्यम से हुआ। एनईएफटी लेनदेन 20 फीसद और यूपीआई लेनदेन 263 फीसद बढ़ा है।

नोटबंदी की तीसरी वर्षगांठ पर कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस ने नोटबन्दी के तीन साल पूरे होने पर शुक्रवार को मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सामने जमकर प्रदर्शन किया।

प्रियंका ने बताया नोटबंदी को तुगलकी फरमान

लखनऊ। नोटबंदी की आज तीसरी वर्षगांठ पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे अबतक की किसी भी सरकार की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल बताया जबकि समाजवादी पार्टी ने खजांची का जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया । रूपया निकालने के लिये बैंक की लाइन में लगी एक महिला के बच्चे को जन्म देने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उसे खजांची नाम दिया था । प्रियंका वाड्रा ने शुक्रवार को टवीट किया और तीन साल पहले की गई नोटबंदी को तुगलकी फरमान कहा । उन्होंनें कहा कि नोटबंदी के जो फासदे उसवक्त बताये गये थे वो गलत साबित हुये । अर्थ व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई और लोगों की नौकरियां चली गईं। नोटबंदी की तीसरी वर्षगांठ को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खजांची के जन्मदिन के रूप में मनाया । बैक से पैसे निकालने के वक्त लाईन में लगी एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया था । अखिलेश यादव ने उसे खजांची नाम दिया था । बच्चे के जन्म से पहले उसके पिता की मौत हो चुकी थी । अखिलेश यादव ने खजांची को आर्थिक सहायता भी दी थी ।

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