Nepal

  • नेपाल का युवा मंत्रिमंडल मिसाल बना!

    नेपाल का कैबिनेट भारत, चीन सभी से युवा, अधिक समावेशी और योग्यता-आधारित है। भारत और चीन की तुलना में यहां भ्रष्टाचार-विरोधी 'डिलीवरी बेस्ड गवर्नेंस' पर जोर है, जो पड़ोसियों में अक्सर कम देखा जाता है। इस कैबिनेट की सबसे बड़ी ताकत इसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि है। प्रधानमंत्री बालेन शाह स्वयं स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में एम.टेक हैं। उनकी टीम में दो डॉक्टरेट धारक और दस स्नातकोत्तर,हार्वर्ड से एमपीए/आईडी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं। नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव आया जब 27 मार्च 2026 को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेतृत्व में बालेन शाह (बलेंद्र शाह) ने 36 वर्ष...

  • बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बने

    काठमांडो। नेपाल में शुक्रवार को बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वे 35 साल के हैं और देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने हैं। पद की शपथ के कुछ घंटे पहले उन्होंने रैप गाने के जरिए पहला संदेश जारी किया, जिसमें भ्रष्टाचार, सिस्टम बदलाव और युवाओं का जिक्र किया। उन्होंने अपने गीत में कहा कि एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इस बार इतिहास बन रहा है। गौरतलब है कि वे पहले रैपर रहे हैं और बाद में काठमांडो के मेयर बने थे। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी आरएसपी ने पांच...

  • नेपाल में मतदान संपन्न, नतीजों में देरी होगी

    काठमांडू। नेपाल में जेन जेड आंदोलन के चलते हुए तख्तापलट के बाद पहली बार आम चुनाव हुए। गुरुवार को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोटिंग हुई। रात 12 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग के मुताबिक 60 फीसदी से ज्यादा लोगों ने मतदान किया है। यह आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि मतदान समाप्त होने के बाद भी दूरदराज इलाकों में वोटिंग हो रही थी। गुरुवार को प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने काठमांडू के धापासी स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला था। उन्होंने कहा कि अब उनका रोल पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि...

  • नेपालः कुछ नया होगा?

    नेताओं के अवसरवाद तथा आर्थिक समस्याओं से त्रस्त नौजवानों ने कुछ नया बनाने की इच्छा के साथ तत्कालीन सरकार को उखाड़ फेंका था। लेकिन उसके बाद अब लोगों के पास जो विकल्प हैं, उनसे नई व्यवस्था बनने की आशाएं धूमिल ही हैं। पिछले साल सितंबर में हुए जेन-ज़ी विद्रोह से नेपाल में आया बदलाव कितना टिकाऊ साबित हुआ, यह गुरुवार को होने वाले मतदान के परिणाम से जाहिर होगा। नेपाल के एक करोड़ 90 लाख मतदाता 275 सदस्यों की प्रतिनिधि सभा को चुनने के लिए मतदान करेंगे। नेपाल की चुनाव प्रणाली के मुताबिक 165 सदस्य प्रत्यक्ष रूप से फर्स्ट पास्ट...

  • बांग्लादेश हो या नेपालः सामने वही सवाल

    बांग्लादेश में विद्रोह का जो परिणाम हुआ है, उससे अलग सूरत नेपाल में नहीं होगी, जहां अगले पांच मार्च को आम चुनाव होना है। क्या बिना ऐसी संगठित पार्टी की मौजूदगी के- जिसके पास स्पष्ट विचारधारा और सुपरिभाषित संगठन हो- कोई ऐसा परिवर्तन हो सकता है, जिससे मूलभूत ढांचा बदले और आम जन के जीवन स्तर में सुधार का मार्ग प्रशस्त हो? बांग्लादेश में अगस्त 2024 जन व्रिदोह हुआ। अगुआई छात्रों ने की, जिनके पीछे आवाम का बहुत बड़ा हिस्सा लामबंद हुआ। उन सबकी शिकायत थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद तानाशाह बन गई हैं, उन्होंने लगातार तीन आम...

  • नेपाल में हिमस्खलन से पांच विदेशी नागरिकों की मौत

    काठमांडू। नेपाल के उत्तर पूर्वी हिस्से में यालुंग री नाम की चोटी पर सोमवार को बर्फ का पहाड़ टूटने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब 5,630 मीटर ऊंची चोटी के बेस कैंप पर बर्फ का पहाड़ टूट कर गिर गया। मरने वालों में तीन अमेरिकी, एक कनाडाई, एक इतालवी और दो नेपाली नागरिक शामिल हैं। डोलखा जिले की पुलिस ने यह जानकारी दी है। हादसा जिस इलाके में हुआ है वह इलाका बागमती प्रांत के रोलवालिंग वैली में आता है। पुलिस और राहत की टीमें देर शाम...

  • नेपाल में 50 से ज्यादा मौत

    काठमांडू/पटना। नेपाल में पिछले दो दिन से हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 10 लोग लापता हैं। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। बताया जा रहा है कि कोशी नदी का जलस्तर दोगुने से ज्यादा हो गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी पर बने बांध के सभी 56 दरवाजे खोल दिए गए हैं। आमतौर पर 10 से 12 दरवाजे एक साथ खोले जाते हैं। सभी दरवाजे खोले जाने से बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ आने का खतरा पैदा...

  • अब निर्माण का वक्त

    नेपाल में अब चुनौती राजनीतिक व्यवस्था के नव-निर्माण के साथ-साथ वैसे आर्थिक कार्यक्रम तय करने की भी है, जिससे नौजवानों को वैसी अवसरहीनता और हताशा से उबारा जा सके, जो हालिया भूकंपीय घटनाक्रम की जड़ में रही हैं। आम जन के मन में बैठे गुबार के विस्फोट से सत्ता तंत्र के उड़े परखचे अभी भी नेपाल में जहां-तहां बिखरे हुए हैँ। अब उन्हें सहेजने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशील कार्की के कंधों पर डाली गई है। कार्की के नेतृत्व में बनी कार्यवाहक सरकार को अगले छह मार्च से पहले चुनाव संपन्न करवा कर सत्ता निर्वाचित प्रतिनिधियों...

  • नेपाल हिंसा में मरे लोगों को शहीद का दर्जा

    काठमांडू। नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कार्यभार संभालने के बाद कहा है कि आठ अगस्त को युवा प्रदर्शनकारियों द्वारा शुरू किए गए आंदोलन में मारे गए लोगों को शहीद घोषित किया जाएगा। साथ ही पीड़ितों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा भी दिया जाएगा। इस बीच खबर है कि नेपाल हिंसा में मरने वालों की संख्या 72 हो गई है, इनमें एक भारतीय महिला भी शामिल है और तीन पुलिसकर्मी हैं। कार्की ने पद संभआलने के बाद कहा है, 'मैं छह महीने से ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहूंगी और नवनिर्वाचित संसद को अधिकार सौंप...

  • नेपाल में जनता का संघर्ष बार-बार

    नेपाल बार-बार दिखाता है कि सत्ता और जनता का रिश्ता संविधान से नहीं, सड़कों पर गिरते लहू, आंसुओं और टूटती आवाज़ों से मापा जाता है। तराई से पहाड़ तक पथराव हुआ, गोलियां चलीं और लाठियां टूटीं। यह विरोध केवल आज का नहीं है; यह उन असंतोषों की कड़ी है, जो कभी मधेश आंदोलन, कभी जातीय असमानता और राजनीतिक वादाख़िलाफ़ी के रूप में उभरते रहे। नेपाल की जनता ने अपनी सरकार को आईना दिखाया है। पूछा है क्या ऐसे ही दिन का वादा था? वहां की सत्ता ने क्या जुल्म के सितम का पहाड़ खड़ा कर दिया था। सर्वसत्ता की लालसा...

  • मणिपुर से नेपाल की तारीफ

    इम्फाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर के दौरे में अपने भाषण में नेपाल के लोगों की तारीफ की। उन्होंने अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को बधाई भी दी। मोदी ने कहा, ‘मैं नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने पर 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से सुशीला कार्की को हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि वे नेपाल में शांति, स्थिरता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगी’। इसके बाद नेपाल के नागरिकों की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज, मैं नेपाल के हर उस व्यक्ति की प्रशंसा करूंगा, जिसने इतने अस्थिर वातावरण में भी...

  • ओली के खिलाफ मुकदमा दर्ज

    काठमांडू। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ शनिवार को राजधानी काठमांडू में एफआईआर दर्ज की गई है। मीडिया की खबरों के मुताबिक, ओली पर आरोप है कि आठ सितंबर को जब युवाओं का आंदोलन शुरू हुआ था, तब उन्होंने पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर हमले और ज्यादती का आदेश दिया था। गौरतलब है कि ओली ने भारी दबाव के बीच 9 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से ही वो सेना की सुरक्षा में हैं। इस बीच नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की शनिवार को घायल आंदोलनकारियों से मिलने काठमांडू के अस्पताल पहुंची।...

  • मार्क्स भक्त व मोदी भक्त दोनों का एक सा रोना!

    हम हिंदुओं ने झूठ-फरेब के सोशल मीडिया को कैसे बुद्धि की गंगोत्री बनाया है इसकी ताजा बेहूदगी नेपाल पर भारत की समझ है। वामपंथी और हिंदू भक्त दोनों ने नेपाल के नौजवान गुस्से को अमेरिकी साजिश करार दिया है। काठमांडू में वामपंथी पार्टियों ने, ओली-प्रंचड टोली ने नेपाल को चीन की गोदी में बैठा दिया था। हालांकि इसमें मोदी सरकार का भी रोल था। उसने 2015 में कोलकाता बंदरगाह के रास्ते की ऐसी अघोषित नाकाबंदी की, जिससे ओली-प्रचंड ने चीन से जरिए रास्ता बनाया। और नेपाल चीन की कॉलोनी बनता गया। वहां सब कुछ चीनी दूतावास करते हुए था। सो,...

  • सुप्रीम कोर्ट का नेपाल के हवाले चेताना!

    प्रधानमंत्री मोदी, शाह, डोवाल को तुषार मेहता को बुलाकर समझना चाहिए कि बुधवार के दिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के बोलने का क्या अर्थ था? वह हमें नसीहत थी या विपक्ष याकि राहुल गांधी को? आखिर मोदी-शाह तो यह मानने से रहे कि दिल्ली कभी काठमांडू बनेगा! उन्होंने तो दिल्ली को किला बनाया हुआ है। किसानों को दिल्ली में पांव नहीं रखने दिए। वे दिल्ली को भी अंबानी-अडानी की बिल्डिंगों जैसी चमचमाती विकसित राजधानी बना दे रहे हैं। इतना ही नहीं अंबानी-अडानी सहित दरबारी जगत सेठों को देश की जीडीपी का पचास-साठ प्रतिशत मालिक बना कर हिंदुओं में स्थायी...

  • भारत समर्थक पीएम नहीं चाहिए

    काठमांडो। पूरे नेपाल को हिंसा की आग में झोंकने वाले युवा प्रदर्शनकारियों में अब आपस में विवाद शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारियों के एक गुट को अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए सुशीला कार्की कबूल नहीं है क्योंकि वे भारत समर्थक हैं। हिंसक प्रदर्शन, आगजनी और करीब तीन दर्जन लोगों की मौत के बाद युवा प्रदर्शनकारी पिछले 48 घंटे से अंतरिम प्रधानमंत्री चुनने  की कोशिश कर रहे हैं। उनकी ऑनलाइन मीटिंग हो रही है और सेना से भी बातचीत चल रही है। लेकिन अंतरिम पीएम के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। गुरुवार को इसे लेकर युवा प्रदर्शनकारी दो...

  • अंतरिम पीएम उम्मीदवारों के समर्थक भिड़े

    काठमांडो। नेपाल में तख्तापलट करा देने वाला आंदोलन छेड़ने वाले युवाओं का समूह अब अंतरिम प्रधानमंत्री चुनने के लिए आपस में लड़ रहा है। तीन नेताओं के समर्थकों के बीच गुरुवार को जम कर झगड़ा हुआ। अंतरिम पीएम की सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रहीं सुशील कार्की, काठमांडो के मेयर बालेन शाह और धरान के मेयर हरका सम्पांग के समर्थक आपस में भिड़ गए। भद्रकाली स्थित नेपाली सेना मुख्यालय के बाहर गुरुवार को इन गुटों के बीच मारपीट हुई। सेना ने बड़ी मुश्किल से इनकी मारपीट बंद कराई। उधर चौथे दिन भी नेपाल के कई हिस्सों में हिंसा जारी रही।...

  • जेन-जी का दीवाल पर दो टूक मैसेज- बेवकूफ बनाना बंद करो!

    भारत के लिए नेपाल का घटनाक्रम बहुत बड़ा खतरा है। किसी और देश श्रीलंका, बांग्लादेश के साथ हमारी उतनी समानता नहीं है जितनी नेपाल के साथ। सब की यही दुआ प्रार्थना है कि हमारे यहां ऐसा हिंसक आन्दोलन कभी न हो। भारत के लोकतंत्र ने हमेशा इस तरह की आशंका को फेल किया है। मगर वह तब था जब लोकतंत्र वास्तविक अर्थों में था। चुनाव के जरिए परिवर्तन हो सकता था। होता था। लेकिन अब चुनाव की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़ा हो गया है।... अभी तीन पूर्व चुनाव आयुक्तों ने कहा कि चुनाव आयोग संदेह के घेरे में है।...

  • नेपाल में अंतरिम सरकार की कोशिश

    काठमांडो। नेपाल की केपी शर्मा ओली की सरकार की तख्तापलट करने के बाद प्रदर्शनकारी युवा अंतरिम सरकार बनाने की कोशिश में जुटे हैं। नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस सुशील कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने पर सहमति की खबर है। प्रदर्शनकारी ‘जेन जेड’ यानी युवा नेताओं की करीब पांच घंटे तक ऑनलाइन मीटिंग हुई, जिसमें सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने पर चर्चा हुई। कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालने की सहमति दे दी है। हालांकि प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोग इस पर सहमत नहीं हैं। बताया जा रहा है कि सेना की सहमति के बाद अंतरिम सरकार का...

  • नेपाल की घटना पर बोले चीफ जस्टिस

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति के रेफरेंस पर हो रही सुनवाई के दौरान नेपाल की घटना का जिक्र हुआ। चीफ जस्टिस बीआर गवई ने विधानसभा से पास हुए विधेयकों को राष्ट्रपति और राज्यपाल की मंजूरी की डेडलाइन तय करने वाली याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई के दौरान नेपाल विद्रोह का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमें अपने संविधान पर गर्व होना चाहिए, देखिए पड़ोसी देशों में क्या हो रहा है। नेपाल में तो हमने देख रहे हैं’। इस पर जस्टिस विक्रम नाथ ने जोड़ते हुए कहा, ‘हां, बांग्लादेश भी’। दोनों जजों ने ये बयान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता की दलील...

  • नौबत ही क्यों आए!

    नेपाल में सोशल मीडिया पर ‘नेपो-किड्स’ जैसे हैशटैग बेहद लोकप्रिय हुए। नेताओं और उनके परिजनों को उपलब्ध विलासिता और विशेषाधिकारों ने लोगों में आक्रोश भरा। इसका जब धमका हुआ, तो तमाम बड़े नाम और चेहरे उसकी लपेट में आ गए। नेपाल में हुईं भयानक घटनाओं के साथ भारत में सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ी है कि क्या ऐसा यहां भी हो सकता है? चूंकि अपने अधिकांश पड़ोसी देश- श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल- ऐसी उथल-पुथल से गुजर चुके हैं, तो निठल्ले चिंतन में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या अब भारत की बारी है। बेशक, ऐसे कयास फिलहाल...

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