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Monday, May 10, 2021
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Vijay Tiwari

मोदी सरकार की आलोचना अब देशद्रोह का अपराध नहीं बनेगा!

पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी और उसकी जमानत ने न्यायिक व्ययस्था को एक नयी संजीवनी दी है। 23 फरवरी के पहले पुलिस द्वारा अदालत के सामने देशद्रोह के आरोप के लिए सरकार

ऐसे बड़े देश की छोटी घटनाएं- जो पूरा सच नहीं बता पाती

शीर्षक का आशय यह हैं की चुनाव में नेताओ के भाषण के अलावा भी बहुत कुछ होता हैं। खबरिया चैनल से शुरू होने वाली घटनाए 24 घंटे वे सुर्खियों से उतार जाती हैं। इसके अनेक कारणों में एक कारण हैं

किसान आंदोलन-दिशा रवि पर राजद्रोह और अदालत का न्याय!

एक तो मियां बावरे ता पर पी ली भंग” की कहावत किसान आंदोलन और दिशा रवि की जमानत पर फिट बैठती हैं। राजधानी के चौहद्दी को घेर कर बैठे हजारों किसान तो मोदी सरकार के लिए परेशानी का सबब थे

परंपरा – कर्मकांड किसकी ? राष्ट्र की या धर्म की…?

क्या ऋषिकेश की गंगा को कानपुर की मैली गंगा में भी शुद्ध रखा जा सकता हैं ? वर्षों से केंद्र की काँग्रेस और अब मोदी सरकार कोशिश करती रही हैं, पर परिणाम वही “ढाक के तीन पात” रहे।

वादे एवं दावे तथा जुमले- आम समझ और नेता जी

चुनावी सभाओं में बड़े नेताओं के वादे भरे भाषणों में भांति - भांति के आश्वसान मतदाता को दिये जाते रहे हैं। हालांकि वे आम आदमी को केन्द्रित कर कहे जाते हैं। एवं इन नेताओ के वादों को गांव का

अदालत के फैसले की आलोचना-अवमानना नहीं है !

प्रशांत भूषण के दो ट्वीट का स्व संज्ञान लेकर सर्वोच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ ने जिस प्रकार अवमानना का मामला चलाया जा रहा, जिसको लेकर वकीलों और पूर्व जजों ने विरोध व्यक्त किया हैं,

अयोध्या में मंदिर आरंभ पूजन…इतिहास बनाने की ओर…और श्रद्धालु ?

स्थान अयोध्या-तिथि द्वातिया - कृष्ण पक्ष - दिन बुधवार, समय 12.30 मध्यानह -मुहूर्त अभिजीत, में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - राम मंदिर आरंभ पूजन करेंगे। ऐसा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव

रक्षा सौदों में असहमति जताने की सजा नौसेना अध्यक्ष भागवत ने भुगती..!

असहमति जताने के मूल अधिकार को सर्वोच्च न्यायालय आज अत्यंत महत्वपूर्ण निरूपित कर रहा हैं , परंतु क्या यह अधिकार सिर्फ जनता के चुने प्रतिनिधियों को ही हैं ? अथवा यह सभी नागरिकों और अधिकारियों को भी हैं

कोरोना और परदेसियों की घर वापसी, फिर टिड्डियों का हमला, शुभ तो नहीं

कोरोना के मरीजो की संख्या में और मरने वालों की संख्या में वृद्धि तथा मजदूरों की घर वापसी के लिए 3300 से अधिक ट्रेनों के बाद दिल्ली से 340 और बंगाल से 200 से अधिक तथा महाराष्ट्र से 200 ट्रेनों की मांग बता रही है

कराहते श्रमिकों की बेहाली में-राज्यारोहण की वर्षगांठ

कितना क्रूर हैं घर वापसी के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के मजदूरों से भरी श्रमिक ट्रेनों की बदहाली और बदइंतजामी। शायद मोदी! सरकार के दूसरी पाली का सबसे दुखद अनुभव होगा।

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राज्यसभा सांसद Raghunath Mohapatra का कोरोना से निधन, पद्म श्री से पद्म विभूषण तक हुए सम्मानित

नई दिल्ली। Raghunath Mohapatra Death : पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात मूर्तिकार ( Eminent sculptor ) और राज्यसभा सांसद...