26 जनवरीः अमिट नेहरू दिवस
आज इक्कीसवीं सदी के वर्ष छब्बीस की 26 जनवरी है। और यह पंडित नेहरू का दिन है। क्या आप चौंके? स्वाभाविक है। हम वे नागरिक ह...
आज इक्कीसवीं सदी के वर्ष छब्बीस की 26 जनवरी है। और यह पंडित नेहरू का दिन है। क्या आप चौंके? स्वाभाविक है। हम वे नागरिक ह...
लग नहीं रहा था कि यूरोपीय संघ, ब्रिटेन के नेता डोनाल्ड ट्रंप से भिड़ेंगे। सोचें, ट्रंप ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और प्रध...
अमेरिका से यूरोप का बिदकना भारत का स्वर्णिम अवसर है। विश्व राजनीति में नई सोच, नई ताकत के लिए नए गठजोड, नए बाजार, नए साझ...
पूरी दुनिया की भू राजनीति में उथलपुथल है। पिछले आठ दशक से ज्यादा समय से अमेरिका के सबसे भरोसे के सहयोगी रहे यूरोपीय देशो...
भारत के सामने एक मॉडल तुर्किए का है, जिसने न सिर्फ अपने को अपनी हथियार जरुरतों में आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि दुनिया के ...
जैसे ही यूरोपीय संघ के साथ एक व्यापार संधि फाइनल होने की बात आई वैसे ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत क...
इक्कीसवीं सदी दिमाग की है और प्रमाण पूरी मानवता द्वारा चिप, एआई को मस्तिष्क बनाना है। औद्योगिक क्रांति का बीज भाप से ऊर्...
बेचारा हुंकारों, झांकियों के फोटो और रीलों के शोर में दबा और ठिठका तथा देश-दुनिया को एक साथ डांवाडोल करता हुआ। साल छब्बी...
अच्छा लगा यह देख जो अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पतंग उड़ाई और जर्मनी के चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ को मजा ...
नफरत और प्यार का रिश्ता बहुत सुना गया होगा लेकिन चीन के साथ भारत का रिश्ता नफरत और जरुरत का है। चीन से नफरत भी है और उसक...
इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता या पदाधिकारी मुख्य अतिथि है। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटो...
भारत के सामने नई बड़ी चुनौती बांग्लादेश की खड़ी हो गई है। वहां 12 फरवरी को राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं, जिसमें शेख हसी...
इक्कीसवीं सदी के पहले पच्चीस वर्ष। ये ढाई दशक मानवता की अमूल्य, अविस्मरणीय अवधि के थे। इसमें मनुष्य के हाथों मनुष्य-समतु...
मणिपुर को लेकर एक ताज़ा रिपोर्ट ‘द इकोनॉमिस्ट’ में पढ़ी। इसका यह वाक्य मुझे ठिठका गया कि मणिपुर की अशांति को अलग और अधिक...
मोदी सरकार इन दिनों हेडलाइन मैनेजमेंट में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर सुर्खियां बनवा रही है। क्यों? ताकि बंगाल मे...