• संघ का समर्थन मिलता रहेगा भाजपा को

    लोकसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के संबंधों को लेकर चल रहे कयासों पर अब विराम लग जाना चाहिए। रांची में प्रांत प्रचारकों की बैठक के बाद संघ ने साफ संकेत दिया है कि भाजपा को उसका समर्थन मिलता रहेगा और दोनों के बीच किसी तरह का तनाव नहीं है। तीन दिन की बैठक की जानकारी देने के लिए हुई प्रेस कांफ्रेंस में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इन बातों का भी खंडन किया कि संघ ने चुनाव में भाजपा की मदद नहीं की। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से दिए...

  • हरियाणा में हिंदू मुस्लिम नैरेटिव कितना चलेगा

    लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदू मुस्लिम का बहुत नैरेटिव बनाया। हर जगह हिंदुओं को यह भय दिखाया गया कि कांग्रेस आ गई तो सब कुछ मुसलमानों को दे देगी। ओबीसी आरक्षण छीन कर मुसलमानों को देने की बात तो कही ही गई साथ ही यह भी कहा गया कि महिलाओं का मंगलसूत्र और लोगों के गाय, भैंस छीन कर कांग्रेस मुसलमानों को दे देगी। लेकिन यह नैरेटिव काम नहीं आया। प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा से इसकी शुरुआत की थी और वहां वह 11 सीटें हार गई। उत्तर प्रदेश में...

  • महाराष्ट्र को लेकर संघ की चिंता

    संघ प्रमुख मोहन भागवत के 10 दिन के रांची प्रवास से राज्य में होने वाले चुनाव को लेकर संघ की गंभीरता जाहिर हुई है। इसी तरह महाराष्ट्र में भी विधानसभा का चुनाव होने वाला है और वहां को लेकर भी संघ काफी गंभीर है। माना जा रहा है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता गठबंधन की है। भाजपा ने राज्य में शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट और एनसीपी के अजित पवार गुट से गठबंधन किया है। इस गठबंधन यानी महायुति की राज्य में सरकार है और शिंदे मुख्यमंत्री हैं। लेकिन संघ को अजित पवार को लेकर चिंता है। बार बार...

  • केशव प्रसाद मौर्य की भागदौड़ से क्या निकलेगा

    उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बहुत भागदौड़ कर रहे हैं। एक हफ्ते के भीतर उन्होंने दूसरी बार दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद वे काफी समय तक दिल्ली में रहे और पार्टी के सभी नेताओं को उन्होंने अपने हिसाब से हार के कारण बताए। यह पता नहीं है कि उनको दिल्ली से किसी तरह के निर्देश मिला है या खुद ही अपनी मर्जी से हार के कथित कारणों का सार्वजनिक रूप से जिक्र करने लगे हैं। उन्होंने एक लाइन पकड़ी है और बार बार दोहरा रहे...

  • बिहार को आखिर केंद्र से क्या चाहिए

    यह लाख टके का सवाल है, जिसका जवाब भाजपा के बिहार के किसी नेता के पास नहीं है। बिहार के सारे नेता एक लाइन तोते की तरह दोहरा रहे हैं कि बिहार को विशेष पैकेज मिलना चाहिए। लेकिन कोई यह नहीं बता रहा है कि विशेष पैकेज किस बात के लिए चाहिए। किस प्रोजेक्ट के लिए बिहार को खासतौर से पैसा चाहिए यह बताना होगा। उसके बगैर केंद्र से कुछ नहीं मिलने वाला है। बिहार के नेता चंद्रबाबू नायडू से सबक नहीं ले रहे हैं, जो मुख्यमंत्री बनने के बाद डेढ़ महीने से भी कम समय में दो बार दिल्ली...

  • राज्यसभा चुनावों में देरी क्यों?

    संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में 19 सीटें खाली हैं। इसका मतलब है कि 245 के सदन में अब अभी 226 सदस्य हैं और बहुमत का आंकड़ा 114 का है। इसके बावजूद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार उच्च सदन में अल्पमत में है। यह बहुत दिलचस्प स्थिति है। राज्यसभा में एक सौ सीट का आंकड़ा छूने की ओर बढ़ रही भाजपा 86 सीटों पर आ गई है। उसकी सहयोगी पार्टियों को मिला कर भी उसकी संख्या 101 पहुंच रही है। सो, अगर संसद के मानसून सत्र में सरकार को कोई विधेयक पास कराना है या बजट के ही किसी...

  • यूपी में नेता नहीं अधिकारियों पर निशाना

    हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे दिवंगत भजनलाल कहते थे कि उनको कैरम बोर्ड का खेल इसलिए बहुत पसंद है क्योंकि उसमें उसमें जिसको मारना होता है उसे सीधे मारने की जरुरत नहीं होती है। किसी दूसरी गोटी पर निशाना साधा जाता है और वह गोटी जाकर उसे मारती है, जिसे मारना होता है। राजनीति के लिए भी यह आजमाया हुआ फॉर्मूला है। कई बार जिस नेता को निशाना बनना होता है उसे सीधे निशाना बनाने की बजाय दूसरे तरीके से उस पर वार किया जाता है। ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश में इन दिनों देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता...

  • पवार, भुजबल मुलाकात से क्या गुल खिलेगा

    शायद ही किसी को इस बात पर यकीन होगा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार के मंत्री और ओबीसी समुदाय के सबसे बड़े नेताओं में से एक छगन भुजबल ने शरद पवार से मराठा और ओबीसी आरक्षण पर बात करने के लिए मुलाकात की। शरद पवार से भुजबल का मिलना संयोग भी नहीं है। यह किसी बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके संकेत पिछले कुछ समय से मिल रहे थे। छगन भुजबल राज्य सरकार से नाराज हैं। नाराजगी का पहला कारण यह है कि एकनाथ शिंदे सरकार ने मराठाओं को कुनबी प्रमाणपत्र देकर उनको ओबीसी कोटे से आरक्षण देने का फैसला...

  • संविधान हत्या दिवस पर स्वामी के सवाल

    भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बना रहे हैं। उनकी इटली यात्रा पर भी स्वामी का तंज सबसे मारक था। उन्होंने लिखा यह कुछ ऐसा है, जैसे कोई किसी की बारात में जाए और लौट कर आए तो कह दे कि वही दूल्हा था। इसी तरह मोदी की रूस यात्रा पर भी स्वामी ने तंज किया और कहा कि चीन के कहने से रूस ने कोई सामरिक समझौता नहीं किया है और जो आर्थिक समझौते हुए हैं उनका लाभ देश के कारोबारियों को होगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने...

  • न्यायपालिका पर रमेश की बातों का क्या मतलब?

    कांग्रेस नेता और संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश बाल की खाल निकालने में माहिर माने जाते हैं। उन्होंने इस बात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है कि मोदी ने अपने भाषण में इशारों इशारों में यह कहा कि जब 2014 में उनकी सरकार बनी तो शुरुआती कई सालों तक आसन का झुकाव विपक्ष की ओर यानी कांग्रेस की ओर था। गौरतलब है कि उस समय आसन पर सभापति के तौर पर उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी आसीन थे। मोदी ने हालांकि हामिद अंसारी का नाम नहीं लिया लेकिन रमेश ने इसे मुद्दा बनाया है। अब...

  • यूपी में क्या सचमुच कोई साजिश चल रही है?

    लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के नतीजों को लेकर रविवार को एक बड़ी बैठक लखनऊ में हुई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए और करीब तीन हजार नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक में तो पार्टी के नेताओं ने एकजुटता दिखाई और कार्यकर्ताओं से भी एकजुट होकर काम करने की अपील की। लेकिन क्या सचमुच पार्टी में एकता है या अंदरखाने कोई साजिश चल रही है? क्या सचमुच लोकसभा चुनाव में यूपी के नतीजों के बहाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाने की योजना पर काम हो रहा है? बदलापुर सीट के भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्र...

  • उपचुनावों पर होगी सबकी नजर

    उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे। राज्य के नौ विधायक इस बार के लोकसभा चुनाव में जीत कर सांसद हो गए हैं। इसकी वजह से नौ सीटें खाली हुई हैं। एक सीट कानपुर के सीसामऊ की है, जहां के सपा विधायक इरफान सोलंकी को अदालत से सजा हो गई है। इन 10 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। जानकार सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाने की जिस योजना की चर्चा हो रही है उसमें इन 10 सीटों के चुनाव का बड़ा हाथ होगा। ये 10 सीटें...

  • जीएसटी के आंकड़े जारी करने में घबराहट

    वस्तु व सेवा कर का जून का आंकड़ा सरकार ने आधिकारिक रूप से नहीं जारी किया। सूत्रों के हवाले से यह आंकड़ा सामने आया और बताया गया कि जून में सरकार ने जीएसटी के मद में एक लाख 74 हजार करोड़ रुपए की वसूली की है। इससे पहले वित्त मंत्रालय की ओर से आधिकारिक रूप से आंकड़ा जारी होता था और हर महीने की एक तारीख को गाजे बाजे के साथ बताया जाता था कि पिछले महीने में जीएसटी की कितनी वसूली है, वह महीने दर महीने के आधार पर कितने फीसदी और साल दर साल के आधार पर कितने...

  • इस बार दीपेंद्र को कोई जिम्मेदारी नहीं मिली

    कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा के संसदीय नेताओं की टीम बना ली है। राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बन चुके हैं और अब उनकी टीम की घोषणा हो गई है। पिछली बार की ही तरह असम से जीत कर आए गौरव गोगोई लोकसभा में उप नेता होंगे। 18वीं लोकसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य कोडिकुन्निल सुरेश को कांग्रेस का मुख्य सचेतक बनाया गया है। उनके साथ मणिकम टैगोर और मोहम्मद जावेद को सचेतक बनाया गया है। मणिकम टैगोर पिछली लोकसभा में भी कांग्रेस को सचेतक थे। कांग्रेस ने इस टीम में केरल, तमिलनाडु, असम और बिहार के चार नेताओं को रख कर क्षेत्रीय...

  • एक और रिटायर जज भाजपा में गए

    ऐसा लग रहा है कि अब इसको अपवाद की तरह नहीं लिया जाना चाहिए या इस पर हैरान नहीं होना चाहिए कि कोई जज रिटायर होते ही किसी पार्टी का सदस्य बन गया। पहले किसी जज के राज्यपाल बनने या राज्यसभा की सीट लेने पर आश्चर्य होता था और लोग परंपरा का सवाल उठाते थे लेकिन अब यह बहुत स्वाभाविक चीज बन गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से महज तीन महीने पहले रिटायर हुए जज जस्टिस रोहित आर्य ने भाजपा ज्वाइन कर ली है। वे रविवार को भाजपा में शामिल हुए। वकील से जज बने जस्टिस आर्य कई फैसलों...

  • विधानसभा में पति पत्नी की जोड़ी

    एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिवारवाद पर हमला है और दूसरी ओर विधायिका में एक परिवार के कई सदस्यों की संख्या बढ़ते जाने की हकीकत है। कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों में तो ऐसा है ही, प्रधानमंत्री की अपनी पार्टी भी इससे बची हुई नहीं है। अब एक नई तरह की जोड़ियां बन रही हैं और आने वाले दिनों में इस तरह की कई जोड़ियां देखने को मिल सकती हैं। अब विधानसभाओं में पति-पत्नी की जोड़ी बन रही है। दो राज्यों में ऐसी जोड़ी बन चुकी है और देश में जिस तरह की राजनीति हो रही है उससे लगता...

  • परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ा रहे हैं नेता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का पता नहीं कितना लाभ हुआ है लेकिन अब राजनीति में नेता अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाने लगे है। पहले बड़े नेता अपने घर के पुरुषों को को दूसरे के घरों की महिलाओं को आगे बढ़ाते थे लेकिन अब अपने परिवार पर ही ज्यादा फोकस हो गया है। हाल के दिनों में कई राजनीतिक परिवारों की महिलाएं सक्रिय राजनीति में आई हैं। उन्होंने चुनाव लड़ा है। झारखंड में हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल मिसाल हैं, जिन्हें अपने पति के...

  • केंद्र के फैसले से कश्मीर में बढ़ी अनिश्चितता

    केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल की शक्तियों में इजाफा कर दिया है। अब उप राज्यपाल को दिल्ली के उप राज्यपाल की तरह अधिकारियों के तबादले और उनकी प्रतिनियुक्ति का अधिकार होगा। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तरह के फैसले से राज्य में अनिश्चितता बढ़ गई है। दो पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने इस पर सवाल उठाया है और कहा कि चुना हुई सरकार की सारी शक्तियां छीन ली गई हैं। अब छोटे से छोटे काम के लिए भी चुने हुए मुख्यमंत्री को एलजी के सामने भीख मांगनी होगी। इस...

  • केजरीवाल की जमानत हासिल करने की बेचैनी

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बहुत जल्दी में हैं। उनको किसी तरह से जमानत हासिल करके जेल से निकलना है क्योंकि उनको लग रहा है कि अगर ज्यादा समय तक वे जेल में रहे तो सरकार को खतरा हो सकता है। दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने साफ कर दिया है कि वे बहुत दिन तक जेल से सरकार चलाने की इजाजत नहीं दे सकते हैं। दूसरे केजरीवाल को लग रहा है कि अभी हालात अनुकूल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के मामले में जमानत दे दी है और जमानत देते समय जो टिप्पणी की है उसका फायदा...

  • ममता ने कमजोर इलाकों को ठीक किया

    ममता बनर्जी देश के उन थोड़े से नेताओं में हैं, जो 24 घंटी राजनीति करते हैं। वे चुनाव हारने या जीतने के बाद शांत होकर नहीं बैठती हैं, बल्कि आगे के चुनाव की तैयारियों में जुट जाती हैं। उनको 2019 के लोकसभा चुनाव में झटका लगा था, जब भाजपा 18 सीटों पर जीत गई थी। लेकिन उसके बाद से ममता लगातार उन इलाकों में सक्रिय रहीं, जहां भाजपा को बढ़त मिली थी या जहां का जातीय समीकरण भाजपा के पक्ष में जा रहा था। उन्होंने दो ऐसे इलाकों की पहचान की, जहां भाजपा मजबूत हो रही थी। उसके बाद पिछले...

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