कहां तो विपक्षी पार्टियां मान रही थीं कि लोकसभा चुनाव की घोषणा हो जाएगी और आचार संहिता लग जाएगी तो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई रूक जाएगी और वे खुल कर लोकसभा चुनाव लड़ सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। आचार संहिता लगने के बाद केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में तेजी आ गई है।
उसने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उसके बाद ही गिरफ्तार किया। केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद भी उनकी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई जारी है। गुरुवार को केजरीवाल को गिरफ्तार करने के दो दिन बाद शनिवार को दिल्ली में उनकी पार्टी के विधायक गुलाब सिंह यादव के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा।
उधर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को अदालत से कुछ राहत मिल गई है लेकिन उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में कमी नहीं आई है। पूर्व सांसद और कृष्णानगर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ रहीं चर्चित नेता महुआ मोइत्रा के यहां शनिवार को सीबीआई ने छापा मारा।
पैसे लेकर सवाल पूछने के जिस मामले में संसद की आचार समिति की सिफारिश पर उनकी सदस्यता छीन ली गई थी उसी मामले में लोकपाल के निर्देश पर सीबीआई ने उनके यहां छापा मारा। इतना ही नहीं ममता बनर्जी की पार्टी के दो और नेताओं- चंद्रभान सिन्हा और स्वरूप बिस्वास के यहां भी शनिवार को ही आयकर की टीम पहुंची और उनके कई परिसरों पर तलाशी ली। ऐसा लग रहा है कि अगले दो महीने भाजपा चुनाव लड़ेगी और विपक्षी पार्टियों के नेता केंद्रीय एजेंसियों की जांच झेलेंगे या अदालतों में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
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