आखिरकार चुनाव आयोग ने दो चरण के मतदान के अंतिम आंकड़े जारी किए। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को हुआ था और दूसरे चरण के वोट 26 अप्रैल को पड़े। सो, चुनाव आयोग ने पहले चरण के 11 दिन बाद और दूसरे चरण के चार दिन बाद मतदान का अंतिम आंकड़ा पेश किया। पिछले कई दिनों से विपक्षी पार्टियां इसे लेकर सवाल उठा रही थीं। यह पहली बार था, जब चुनाव आयोग ने मतदान खत्म होने के 24 या ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे में अंतिम आंकड़े नहीं बताए। ध्यान रहे मतदान के बाद होने वाली चुनाव आयोग की औपचारिक प्रेस कांफ्रेंस भी नहीं हुई थी। सो, अब जब इतने लंबे इंतजार के बाद आयोग ने आंकड़ा बता दिया है तब भी विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग के पीछे पड़ी हैं। उन्होंने मतदान के आंकड़े देने में देरी के अलावा कुछ और मुद्दों पर निशाना साधा है।
चुनाव आयोग ने दोनों चरणों का अंतिम आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि दूसरे चरण की 88 सीटों पर 66.71 फीसदी मतदान हुआ। विपक्ष की कई पार्टियों ने इस आंकड़े पर सवाल उठाए हैं। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि चुनाव आयोग का अंतरिम डाटा था कि 60.96 फीसदी मतदान हुआ है। अब चुनाव आयोग कह रहा है कि मतदान 66.71 फीसदी हुआ। यानी अंतरिम आंकड़े में 5.75 फीसदी का बदलाव आ गया! उन्होंने इस पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि आमतौर पर अंतरिम और अंतिम आंकड़ों में इतना अंतर नहीं होता है। ध्यान रहे मतदान खत्म होने तक जितने लोग मतदान केंद्र पर पहुंच जाते हैं उनको वोट करने दिया जाता है। इसके बावजूद अंतरिम आंकड़ों में एक से दो फीसदी से ज्यादा का अंतर नहीं आता है। अगर बहुत लोग लाइन में लगे थे तब हो सकता है कि अंतर थोड़ा ज्यादा हो लेकिन यहां दूसरे चरण के मतदान के बाद जारी किए गए अंतरिम आंकड़ों में पौन छह फीसदी का फर्क आया है। विपक्षी पार्टियां इस आधार पर गड़बड़ी की आशंका जता रही हैं।
इसी से जुड़ी दूसरी बात की ओर सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने इशारा किया है। उन्होंने इस पर सवाल उठाया है कि चुनाव आयोग ने मतदान का प्रतिशत तो जारी कर दिया लेकिन वोटों की वास्तविक संख्या नहीं बताई। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हर सीट पर कितने वोट पड़े यह संख्या भी बताई जातीहै। बिना संख्या के सिर्फ प्रतिशत बताने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आशंका जताई है कि प्रतिशत तो अपनी जगह ठीक है लेकिन वास्तविक संख्या में हेराफेरी हो सकती है। कांग्रेस के जयराम रमेश ने भी चुनाव आयोग के आंकड़ा जारी करने में देरी और आधे अधूरे आंकड़े जारी करने पर सवाल उठाया है। बहरहाल, चुनाव आयोग ने मंगलवार को बताया कि लोकसभा चुनाव 2024 में पहले चरण में 66.14 फीसदी मतदान हुआ, जो 2019 में हुए 69.43 फीसदी के मुकाबले 3.30 फीसदी कम है। दूसरे चरण में 66.71 फीसदी मतदान हुआ, जो 2019 में हुए 69.64 फीसदी के मुकाबले 2.93 फीसदी कम था। आयोग के मुताबिक दोनों चरणों का 66.43 फीसदी रहा, जो 2019 के 69.54 के मुकाबले 3.11 फीसदी कम है।
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