झारखंड में एक बार फिर रांची और कराची का मुद्दा उठाया गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और जेएमएम पर हमला करते हुए कहा कि दोनों पार्टियों ने राजधानी रांची को कराची बना दिया है। कहने का मतलब है कि कांग्रेस और जेएमएम ने रांची में मुस्लिम आबादी भर दी है। यह बात पूरा झारखंड के लिए कही जा रही है कि हिमंत बिस्वा सरमा इस नैरेटिव के चैंपियन बने हुए हैं। यह बात महाराष्ट्र और खास कर मुंबई के बारे में भी कही जा रही है। हालांकि मुंबई से कराची की तुकबंदी नहीं होती है तो उस अंदाज में नहीं कहा गया लेकिन भाजपा ने किरीट सोमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि 2050 तक मुंबई में सिर्फ 54 फीसदी हिंदू रह जाएंगे।
बहरहाल, रांची और कराची का नारा झारखंड में पहली बार नहीं दिया गया है। भाजपा के पूर्ववर्ती भारतीय जनसंघ के नेता भी झारखंड के चुनावों में इस तरह के नारे देते रहते थे। एक चुनाव में नारा लगा था, ‘अबकी जिताओ रांची से, अगला चुनाव कराची से’। यानी पाकिस्तान को कब्जा कर लिया जाएगा। हालांकि इस नारे का कोई खास असर नहीं हुआ था। अब भाजपा नेता इस नारे को नए रूप में पेश कर रहे हैं। इस बार भाजपा राज्य की जनसंख्या संरचना बदलने के नैरेटिव पर चुनाव लड़ रही है। नाम लेकर मुस्लिम नेताओं से छुटकारा दिलाने की बात हो रही है। ऐसे में रांची और कराची का अनुप्रास ठीक बन रहा है।
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Image Source: ANI


