राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

जो मोदी से मिला वह मंत्री बनेगा!

पता नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल कब करेंगे लेकिन उससे पहले मंत्रियों की कई तरह की सूचियां बाजार में घूम रही हैं। अलग अलग लोगों के दावे किए जा रहे हैं। राज्यों के हिसाब से गणित बैठाया जा रहा है। सावन के आखिरी दिन यानी 28 अगस्त तक हो जाएगा या नवरात्रों तक मामला टलेगा इसे लेकर भी कयास हैं। लेकिन इस बीच भाजपा के जानकार नेता दावे के साथ कह रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों में जितने लोग प्रधानमंत्री मोदी से मिले हैं वे मंत्री बनेंगे या उनकी पार्टी का प्रतिनिधित्व सरकार में बढ़ेगा। प्रधानमंत्री से मिलने वाले हर नेता को लेकर कोई न कोई कहानी चल रही है। राज्यपालों की सूची भी उसी हिसाब से तैयार की जा रही है। जेपी नड्डा की टीम से हटाए गए कुछ लोगों के नाम की चर्चा है तो भाजपा संसदीय बोर्ड से हटा कर कुछ लोगों को लोकभवन भेजने की बातें कही जा रही हैं।

बहरहाल, अगर मंत्रिपरिषद की बात करें तो उस लिहाज से पिछले कुछ दिनों में खास कर संसद के मानसून सत्र के दौरान या उसके तुरंत बाद मिलने वाले नेताओं की सूची पर नजर रखने को कहा जा रहा है। इस लिहाज से बादल परिवार की चर्चा नंबर एक पर है। सुखबीर बादल प्रधानमंत्री से मिल कर लौटे हैं और कहा जा रहा है कि उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल मंत्री बन सकती हैं। वे काफी समय तक मोदी सरकार में मंत्री रही हैं। दूसरे नंबर पर शरद पवार की चर्चा है। शरद पवार अपनी बेटी सुप्रिया सुले के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिले थे और बाद में सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के सांसदों के साथ जाकर मोदी से मुलाकात की थी। बेटी की शादी के रिसेप्शन का कार्ड देना एक बहाना था। कुछ दिन पहले चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिलने गए थे। उनकी पार्टी का वजन सरकार में बढ़ाए जाने की चर्चा है। सरकार टीडीपी के जरिए दक्षिण भारत की पार्टियों और नेताओं को एक मैसेज देना चाहती है। ध्यान रहे हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दक्षिण भारत के दौरे पर गए थे और वहां सभी नेताओं से मिल कर लौटे हैं।

बहरहाल, ममता बनर्जी की पार्टी से दलबदल करने वाले नेताओं की मुलाकात की भी चर्चा है। उममें खास कर तौर से सयानी घोष की ओर इशारा किया जा रहा है। वे तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड नेता रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि उनको भाजपा के प्रवक्ताओं की सूची में शामिल किया जा सकता है। लेकिन दूसरी चर्चा केंद्र में मंत्री बनने की है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री संसद सत्र के दौरान उन नेताओं से मिल रहे थे, जो दूसरी पार्टियों से आकर भाजपा में शामिल हुए हैं। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के दलबदलु नेताओं से भी उनकी मुलाकात हुई। उनमें से कौन मंत्री बनेगा इस बात के कयास हैं। राघव चड्ढा या क्रिकेटर हरभजन सिंह या कोई और? इतना तय है कि दलबदल करने वालों को बड़ा इनाम मिलेगा।  पिछले 10 दिन में प्रधानमंत्री चार मुख्यमंत्रियों से मिले। सबसे ताजा मुलाकात असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से हुई। उससे पहले देवेंद्र फड़नवीस, योगी आदित्यनात और विष्णुदेव साय की मुलाकात हुई थी। लेकिन चर्चा सिर्फ फड़नवीस की है। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के अंदर उनके प्रतिद्वंद्वियों और विरोधी पार्टियों के नेताओं ने यह चर्चा चलवाई है कि वे देश के नए शिक्षा मंत्री हो सकते हैं। हालांकि उनके दिल्ली आने की संभावना कम है।

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment