muslim

  • मुसलमानों को हिन्दू कहना

    मोहन भागवत की बातों पर मौलाना मदनी और ओवैसी जरूर हँसे होंगे। जबकि जानकार हिन्दू अपना माथा ठोकते होंगे -- यह ऐसा विचित्र है।... संघ नेता अपने कथन के झूठ से परिचित हैं। वरना, इन सौ सालों में उन का कोई सरकार्यवाह या संघचालक कोई भारतीय असदुद्दीन या शहाबुद्दीन भी होता। क्योंकि आर.एस.एस. के अनुसार असदुद्दीन भी हिन्दू है और आर.एस.एस. हिन्दुओं का संगठन है! पर कोई शहाबुद्दीन आर.एस.एस. का सरसंघचालक या कारयवाह नहीं बनाया गया।... वस्तुत: आत्म-प्रवंचना हिन्दू नेतृत्व की आम बीमारी रही है। अपने को हर विषय का ज्ञाता मानना इस का एक मुख्य तत्व है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक...

  • बढ़ता अविश्वास बेहद खतरनाक

    चौतरफा अविश्वास बढ़ रहा है। नियम आधारित पुरानी विश्व व्यवस्था बिखर गई है। दुनिया के किसी भी देश को दूसरे देश पर या देशों के किसी भी समूह को दूसरे समूह पर भरोसा नहीं रह गया है। जब अमेरिका और यूरोप के बीच अविश्वास बढ़ गया तो बाकी देशों के बारे में क्या कहा जाए! इसी तरह वैश्विक अर्थव्यवस्था में अविश्वास बढ़ रहा है। दुनिया की अर्थव्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश और उसके बाजार में आए उछाल से चलती दिख रही है। इसने सॉफ्टवेयर और आईटी आधारित सेवाओं के उद्योग को लगभग ध्वस्त कर दिया है। जब से एआई कंपनी...

  • असम में सिर्फ हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा

    असम में धीरे धीरे दूसरे सारे मुद्दे गौण होते जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार वहां 10 साल से है और इन 10 सालों में केंद्र में भी भाजपा की ही सरकार रही है। यानी 10 साल से डबल इंजन की सरकार चल रही है। लेकिन इस डबल इंजन सरकार के कामकाज की बजाय भाजपा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। भाजपा की जो चुनाव सामग्री तैयार की जा रही है उसमें सबका फोकस हिंदू-मुस्लिम के ऊपर है। एक प्रयोग के तौर पर पिछले दिनों एआई से बना एक वीडियो वायरल कराया...

  • बंगलादेश में नरसंहार का पैमाना सबसे बड़ा

    किसी समुदाय को हथियारों से मार डालने के अलावा उस के विरुद्ध ऐसी कानूनी, आर्थिक, सांस्कृतिक व्यवस्थाएं लादना भी नरसंहार है जिस से उस का क्रमशः नाश सुनिश्चित हो। यह बंगलादेश में दशकों से, सब के सामने हो रहा है। इस नरसंहार का पैमाना और रूप वर्तमान विश्व में अभूतपूर्व और सबसे बड़ा है। हिंदुस्तान में हिंदू संहार – 2 यहाँ तक कि कठिन बातों पर विचार करना भी उन का काम नहीं। हिंदू  नेता मनोहर बातों से भविष्य के सपने दिखाने में लगे रहते हैं। इसलिए भी, ताकि कश्मीर या बंगलादेश-बंगाल में जारी हिंदू  नरसंहार, जेनोसाइड से ध्यान हटा...

  • भारत में मुसलमान ज्यादा सुरक्षित

    भारत में सभी प्रकार के मुसलमानों को समान और कुछ मामलों में अधिक संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। देश में लगभग 22 करोड़ मुसलमान हैं। पिछले सात दशक में उनकी आबादी सर्वाधिक— सात गुना से अधिक बढ़ चुकी है। अगर भारत सच में मुसलमानों के लिए ‘असुरक्षित’ है, उनकी आबादी कैसे बढ़ी? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर में भारतीय मुसलमान सताए जा रहे हैं? क्या वे स्वयं को ‘असुरक्षित’ महसूस करते हैं? इतिहास का वह कौन-सा दौर था, जब इस भूखंड के मुसलमानों ने खुद को पूरी तरह ‘सुरक्षित’ माना था? क्या गांधीजी और पं।नेहरू के समय हालात अलग थे?...

  • हम बाँझ हो रहे हैं!

    पर सवाल यह है कि क्या हम बाँझ हो रहे हैं या हो चुके हैं? और उससे भी बड़ा सवाल यह कि बाँझ होना आखिर है क्या? मेरा मानना है, बाँझपन को केवल स्त्री या पुरुष की संतान उत्पन्न करने की अक्षमता के अर्थ में नहीं, बल्कि बंजरता, अनुत्पादकता, नाकाबिलियत और असमर्थता के उस गहरे अर्थ-भाव में समझना चाहिए जहाँ जीवन केवल चलता है, पर कुछ रचता नहीं। हम इसकी प्रक्रिया में हैं! और ‘हम’ का अर्थ? हम हिंदू! हिंदू समाज, उसकी भीड़, उसका भविष्य! दिक्कत यह है कि भीड़ की भेड़चाल में हम कुल आबादी के उन आंकड़ों में जीते...

  • योगी ने सही कहां, विचारे!

    खुमैनी ने कहा था: “पूरा इस्लाम राजनीति है।” उन्होंने सही कहा था। काफिरों के प्रति इस्लाम का व्यवहार ही राजनीतिक इस्लाम है। मुहम्मद की जीवनी, कुरान, और हदीस यह तीनों मिलाकर इस्लामी सिद्धांत और व्यवहार बनता है। इस की आधी से अधिक सामग्री काफिरों (गैर-मुस्लिमों) पर केंद्रित है।।।। इस्लाम का एक मात्र लक्ष्य है: पूरी दुनिया में इस्लाम का राज स्थापित करना। दूसरे शब्दों में, गैर-मुस्लिमों (काफिरों) को या तो इस्लाम कबूल कराना या खत्म करना। राजनीतिक इस्लाम को जानना जरूरी-2 राजनीतिक इस्लाम के प्रति गफलत से निकलना अनिवार्य है। यह करना, और इस के प्रति जागरूकता फैलाने में कोई...

  • विचार मुकाबिल हो, तो तोप चलाओ?

    जिहाद इंच-इंच बढ़ रहा है। शान्ति और सहजता से। काफिरों के सहयोग से। क्योंकि काफिर एक विचार को तोप या रिश्वत से खत्म करने की जुगत में है। अपने प्रोपेगंडा पर खुद फिदा!  अतः जिहाद देश के सैकड़ों छोटे-छोटे इलाके प्रायः नि:शब्द रूप से धीरे-धीरे कब्जे में कर रहा है। यह सौ साल से अविराम जारी है। आगे अल्लाह जानता है! दो पाकिस्तानी थे: अली भाई तहला और आसिफ फौजी, तथा दो हिन्दुस्तानी: आदिल हुसैन थोकर और अहसान।  सरगना शायद हिन्दुस्तानी थोकर ही था। एक एक नाम और मिलते हैं: पाकिस्तानी हाशिम मूसा और हिन्दुस्तानी आसिफ अहमद शेख। यही चार...

  • जाति नहीं अब धर्म का मामला

    पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने हिंदू-मुस्लिम का जो राग छेड़ा और उसके बाद जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकवादियों ने धर्म पूछ कर हिंदुओं का जैसा नरसंहार किया उससे भारत की राजनीति बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकती है। भारत में पिछले  कुछ समय से राजनीति बदली थी। लोकसभा चुनाव में संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई कारगर साबित हुई थी। भाजपा की मंदिर और धर्म के एजेंडे के बरक्स विपक्षी पार्टियों ने अपना गठबंधन बनाया था और अपना एजेंडा आगे किया था। वह एजेंडा धर्म की राजनीति को फेल करने वाला था। उसमें जाति...

  • पाकिस्तान तो चाहता है हिंदू-मुस्लिम हो

    विरोध कश्मीर में भी हो रहा है। मस्जिदों से आतंकवादियों की मजम्मत (भर्त्सना) की जा रही है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। खून देने के लिए अस्पतालों में लाइनें लग गईं। महबूबा मुफ्ती मीर वाइज फारुक उमर ने बंद का काल दिया। यह होना चाहिए। सही है। मगर शेष भारत में जाति, धर्म, हिन्दु मुस्लिम, राजनीति के सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पहलगाम की आतंकवादी घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। 36 साल के आतंकवादी दौर में टुरिस्टों पर इतना बड़ा हमला पहले कभी नहीं हुआ। सही यह है कि टुरिस्ट,...

  • पीड़ित की पीड़ा का न हिसाब और न अध्ययन

    हिंदूओं पर जु्ल्म, अत्याचार की अनगिनत घटनाएं, विवाद और नीतियों के उदाहरण हैं। मगर इन सभी घटनाओं, परिघटनाओं पर तथ्यगत प्रस्तुति, आकलन, और चर्चा से हमारे प्रभावशाली राजनीतिक-बौद्धिक वर्ग को परहेज रहा है। यहाँ तक कि अकादमिक शोध या तथ्य-संकलन तक लुप्त है। उपर्युक्त सभी घटनाओं, परिघटनाओं पर कोई प्रतिष्ठित पुस्तक या पर्चा तक ढूँढने से ही मिले, जिस की देश-विदेश में कद्र हुई हो। इतना विराट बौद्धिक शून्य - समस्या समाधान का उपाय तो क्या, समस्या का आकलन तक गायब! हिन्दू पीड़ा का कारोबार – 1 अभी पाँच वर्ष भी नहीं हुए, जब देश की आंतरिक सुरक्षा का सीधा...

  • कांग्रेस बनाए मुस्लिम अध्यक्ष: मोदी

    हिसार। वक्फ कानून को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को चुनौती दी है कि अगर वह मुस्लिमों की हितैषी है तो मुस्लिम कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त करे। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए यह भी कहा कि आज देश में मुसलमानों की खराब हालत के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सोमवार, 14 अप्रैल को हरियाणा के दौरे पर पहुंचे और सुबह करीब 10 बजे हिसार में हरियाणा के पहले हवाईअड्डे का उद्घाटन किया। उन्होंने हिसार से अयोध्या की उड़ान को हरी झंडी भी दिखाई। हिसार के बाद प्ररधामंत्री यमुनानगर पहुंचे। वहां...

  • वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन

    नई दिल्ली। वक्फ कानून पर लगातार दूसरे जुमे यानी शुक्रवार को देश भर में प्रदर्शन हुए। पिछले गुरुवार यानी तीन अप्रैल को वक्फ कानून संसद से पास हुआ था, जिसके खिलाफ शुक्रवार, चार अप्रैल को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन हुए थे। एक बार फिर शुक्रवार, 11 अप्रैल को भी देश के कई हिस्से में प्रदर्शन हुए। असल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, एआईएमपीएलबी ने शुक्रवार से पूरे देश में वक्फ बचाव अभियान शुरू किया है। उसने कहा है कि इस मामले को शाह बानो मामले जैसा बनाना है। बहरहाल, शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में...

  • नए वक़्फ़ क़ानून का क्या होगा असर?

    यदि सरकार इसे संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ लागू करती है, तो यह एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है। लेकिन यदि इसे जल्दबाजी या राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया, तो यह सामाजिक तनाव को और गहरा सकता है। अंततः इस बिल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह वक़्फ़ की मूल भावना को कितना सम्मान देता है और समाज के सभी वर्गों को कितना लाभ पहुंचाता है। वक़्फ़ संशोधन बिल, जिसे हाल में भारतीय संसद में पेश कर 2-3 अप्रैल 2025 को लोकसभा और राज्यसभा से कराया गया, उस पर खासा बवाल बना हुआ है। यह...

  • वोट की राजनीति परवान चढ़ी…!

    भोपाल। भारत में आजादी के बाद से ही आमतौर पर यह माना जाता रहा है कि देश का मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के साथ है, यद्यपि इसके धारणा के पीछे कई कारण है, किंतु इसका मुख्य कारण धर्म से जुड़ा है और हमारे यहां धर्मान्धता की स्थिति क्या है? यह किसी से छुपा नही है, अब यह धारणा वोट की राजनीति में चरम पर है, आज सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी जी-जान से देश के मुस्लिम वोटर को अपने साथ जोड़ने में जुट गई है, जिसका ताजा उदाहरण वक्फ अधिनियम में संशोधन है, अब इस सर्वोच्च प्रयास में भाजपा कहां तक सफलता...

  • मुसलमान कबूल करेगा या खारिज?

    Saugat-e-Modi : समय की लीला बेजोड़ है! नरेंद्र मोदी ईद पर मुसलमान को ‘सौगात-ए-मोदी’ दे रहे हैं और फिर उन्हें सौगात-ए-वक्फ बोर्ड मिलेगा! मगर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ बिल के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है। पटना में मुसलमानों का जोरदार प्रदर्शन हुआ। इस बिल के कानून बनने का अर्थ है कि पूरे देश के उन मुस्लिम धर्मगुरूओं, संस्थाओं की संपदाओं पर सीधा अंकुश, जिसे ले कर उनकी कोई जवाबदेही नहीं थी। यह इस्लाम के उस कुलीन वर्ग पर चोट है, जो अपने उद्देश्यों में वक्फ बोर्ड की अकूत संपत्ति का इस्तेमाल करता आया है। इसलिए हर बड़ा मौलाना,...

  • मुसलमानों की रक्षा करेंगे अजित पवार

    मुंबई। भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी के नेता अजित पवार ने कहा है कि वे राज्य के मुस्लिम समाज की हर तरह से रक्षा करेंगे। औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर चल रहे विवाद और इसी मसले पर नागपुर में 17 मार्च को हुई हिंसा के बाद महाराष्ट्र के अजित पवार ने कहा है, ‘जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, दो समूहों के बीच संघर्ष भड़काकर कानून व्यवस्था को बाधित करेगा और कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा। वह चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी हालत में बख्शा या...

  • होली के रंग में राजनीति की भंग

    भारत में जब कोई किसी को कहता है कि ‘ज्यादा राजनीति मत कीजिए’ तो इसका मतलब होता है कि गलत काम मत कीजिए, साजिश या धोखा मत कीजिए, भड़काऊ काम मत कीजिए या लोगों को लड़वाइए मत। सोचें, भारत में राजनीति शब्द कैसे नकारात्मक अर्थों में रूढ़ हो गया है! इस राजनीति का शिकार भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था बन रही है तो समाज व्यवस्था और धार्मिक व निजी व्यवहार और तीज त्योहार भी बन रहे हैं। यह अचानक नहीं हुआ है कि इस साल होली से पहले सामाजिक स्तर पर इतना विभाजन दिख रहा है। यहां तक पहुंचने की शुरुआत...

  • मीडिया ने होली पर भी चढ़ाए नफरत के रंग !

    आज क्या प्रासंगिकता है औरंगजेब की? प्रसंग तो है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का और उसके यह कहने का हमने जब भारत की कलई खोल दी तो वह सीधे रास्ते पर आ गया। इसका कड़ा विरोध नहीं होना चाहिए था? मगर हो रहा है औरंगजेब का। उसकी कब्र तक हटाने की बात कह रहे हैं। क्यों? ट्रंप के सामने हम झुक गए यह बात छुपाने के लिए।...इस बार होली के नाम पर लोगों को बताना पड़ेगा। लोग समझते हैं। लेकिन मीडिया इस तरह इकतरफा दिखाता, लिखता है कि लोगों के सामने दूसरा पक्ष जो सच का है वह आ...

  • जो है वह कांग्रेस की देन!

    Congress : मैं इन दिनों ‘जनसत्ता’, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय के अपने संस्मरण खंगालता हुआ हूं। और वह सच्चाई उभरती है कि कैसे मुसलमान ने गांधी-नेहरू परिवार की लुटिया डुबोई। वामपंथियों और अहमद पटेल ने हिंदुओं में तुष्टीकरण की कीर्तिं बनवाई। कोई न माने इस बात को लेकिन तथ्य है कि 1971 में बांग्लादेश के निर्माण से भारत का मुसलमान इंदिरा गांधी से छिटका था। संजय गांधी की जनसंख्या नियंत्रण धुन को मुस्लिम समुदाय ने अपने खिलाफ माना। आपातकाल में दिल्ली के तुर्कमान गेट, जामा मस्जिद क्षेत्र की साफ-सफाई तथा नसबंदी अभियान से उत्तर भारत का मुसलमान...

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