यूपी का हर मुद्दा हिंदू-मुस्लिम!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी किसी तरह से हर मुद्दे को हिंदुत्व से जोड़ रही है, मुसलमान से जोड़ रही है और तालिबान से जोड़ रही है।

सामाजिक संकट कहां जाकर रूकेगा

देश में क्या हो रहा है और आगे क्या होगा, इस राष्ट्रीय प्रश्न का ही एक हिस्सा यह है कि सामाजिक विभाजन की जो स्थितियां बन रही हैं और देश में हर मसले पर जिस तरह से पानीपत की लड़ाई का मैदान सज रहा है

मुसलमान ‘बैंड बाजा पार्टी’ की तरह हैं, उनके पास कोई नेतृत्व नहीं है – असदुद्दीन ओवैसी

जहां मुसलमानों को पहले संगीत बजाने के लिए कहा जाता है लेकिन विवाह स्थल पर पहुंचने पर उन्हें बाहर खड़ा कर दिया जाता है। असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर में कहा कि अब मुसलमान वाद्य यंत्र नहीं बजाएंगे।

‘जाने, जो साधू भूखा संपत्ति का, वो साधु नाहीं।।’

जो वास्तव में संत हैं उन्हें अपने नाम के आगे विशेषण लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। क्या मीराबाई, रैदास, तुलसीदास, नानक देव, कबीरदास जैसे नाम से ही उनके संतत्व का परिचय नहीं मिलता ?

मुस्लिमों के ‘मोदी’ बनने की राह में हैं असदुद्दीन ओवैसी !

सभी विपक्षी पार्टियों का मानना है कि ओवैसी भाजपा की ही B टीम है. आम लोगों को इस बात पर विश्वास हो पाना थोड़ा सा मुश्किल है. इसके पीछे का कारण है भाजपा और ओवैसी के बीच लगातार बढ़ता वाद विवाद.

संघ परिवार: योद्धा, डाकू या पॉकेटमार?

पॉकटमार मानसिकता…..भीतर से कुछ, बाहर कुछ और। विश्वासपूर्वक कुछ भी उचित कर सकने का मनोबल नहीं। उस की चाह है कि किसी तरह कुछ हाथ आ जाए और बलवान विरोधियों का सामना न करना पड़े।

इस्लाम से लड़े बिना नियति घायल!

यह शीर्षक अटपटा लगेगा। सोच सकते हैं अमेरिका लड़ कर ही तो घायल है। लेकिन अमेरिका ने इस्लाम से लड़ाई कहां बताई है? अमेरिका अपने को इस्लाम से लड़ता हुआ नहीं बताता है।

इस्लाम का सत्य और चीन की बर्बरता!

पौने दो अरब मुसलमानों में अधिकांश मन ही मन तालिबान की जीत और अमेरिका की हार से सुकून में हैं तो वह क्या इस्लाम का सुकून नहीं?

जंगली ही खोदते हैं सभ्यताओं की कब्र!

चट्टान जैसी अटल सभ्यताएं और विशाल साम्राज्य कैसे खानाबदोश घुड़सवारों की बर्बरता से खत्म हुए, इसकी दास्तां इतिहास में भरी हुई है।

आंतक से लड़ना बिना आंतक के बीज को मिटाए!

इस्लाम की यह जिद्द, यह प्रतिस्पर्धा स्थाई है कि उसके पैगंबर ही आखिरी ईश्वर अवतार है और उनकी आसमानी किताब, कुरानशरीफ के अनुसार उसे दुनिया बनानी है।

अमेरिका की 75 साला गलती!

दूसरे महायुद्ध के बाद 1945 से दुनिया की एकमेव स्थायी महाशक्ति अमेरिका (पश्चिमी सभ्यता) ने 75 सालों में जितना धोखा इस्लाम से खाया है, वह उससे जितना घायल हुआ है वैसा किसी से नहीं!

लव जिहाद कानून पर गुजरात सरकार को झटका

लव जिहाद कानून पर गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को झटका दिया है। अदालत ने इस कानून के कुछ हिस्सों को लागू करने पर रोक लगा दी है।

जी-23 के नेता अब आलाकमान के साथ

राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल के रात्रिभोज में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए, जिसकी व्याख्या इस अंदाज में की जा रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष को पिछले साल चिट्ठी भेजने वाले कांग्रेस के जी-23 समूह के नेताओं की यह बैठक थी

बूचड़खानों पर रोकः बुनियादी सवाल ?

उत्तराखंड की सरकार ने हरिद्वार में चल रहे बूचड़खानों पर रोक लगा दी थी। वहां के उच्च न्यायालय ने इस रोक को अवैध घोषित कर दिया है। उसका फैसला यह है कि जिन्होंने रोक की अर्जी लगाई थी, उनका तर्क गलत था लेकिन उनकी बात सही है।

संघ परिवार:  इस्लाम व मुस्लिमों पर विचार

संघ प्रवक्ताओं के अनुसार, मुख्य समस्या व्यवहारिक है। जिहाद का इतिहास भी कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए, मुसलमानों को यह संदेश दें कि उन्हें बाबर और औरंगजेब की विरासत से बचना चाहिए, और राष्ट्रवादी विरासत में आना चाहिए। यही समाधान है। इस्लामी मतवाद कोई समस्या है ही नहीं।

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