मीडिया इधर का हो या उधर का, एकतरफा!
चाहे कोई भी दल सत्ता में हो जब तक उसका शासन और प्रशासन आम जनता के प्रति जवाबदेह न हो तब तक वो कितना भी ढोल पीटता...
चाहे कोई भी दल सत्ता में हो जब तक उसका शासन और प्रशासन आम जनता के प्रति जवाबदेह न हो तब तक वो कितना भी ढोल पीटता...
बच्चा एक ऐसी थाली के सामने बैठा है, उसके सामने इंसानियत के पूरे ज्ञान का इतिहा...
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा और परीक्षा की प्रक्रिया में सुधार की जो पहल की है उस पर छात्रों की प्रतिक्रिया सोशल ...
सार यह है कि किसी एक मुद्दे पर सीमित रह कर बेहतर नतीजे हासिल कर लेना फिलहाल संभव नहीं रह गया है। इसीलिए ऐसी दीर्...
जब ओटीटी पर अपराध आधारित कहानियां अक्सर हिंसा, अंधेरे और सनसनी का सहारा लेती ह...
मनमोहन सिंह के ज़़माने में टूजी स्पेक्ट्रम मामले में ए राजा का नाम आया, इस्तीफ़ा...
भारत में करीब 15 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं और 2050 तक यह संख्या दोगुनी होने वाली है। हेल्पएज इंडिया जैसे संगठनों क...
लोकतंत्र में किसी नागरिक को अपनी बात मनवाने के लिए अपने शरीर को दाँव पर नहीं लगाना चाहिए। संसद,...
सोनम वांगचुक का आंदोलन एक प्रश्नपत्र से आगे बढ़ जाता है। वे केवल परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही नहीं माँग रहे। वे उ...
बेचारे हिन्दू दोहरी चोट झेल रहे हैं -- संघ-परिवार का विश्वासघात और ब्लैकमेलिंग। क्या इस से आगे कोई फर्क पड़ेगा
आज मोमो, नूडल्स, बर्गर, पिज़्ज़ा जैसे न जाने कितने उत्पाद हैं...
मुख्यमंत्री ने कारोबार सुगमता सुनिश्चित करने की अपनी सोच को आगे बढ़ाते हुए ऐलान किया कि सभी बड़े निवेश प्रस्तावो...
हम तो बस जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। हम यह नहीं कह रहे हैं कि हमें या सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बना दिया जा...
फ़िल्म का शीर्षक भी अपने भीतर एक विचित्र बेचैनी समेटे हुए है। 'बेबी डू डाई डू
सोचने की बात यह है कि आज गडकरी के साथ, जो कुछ हो रहा है,