भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में परिवहन घोटाले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। गुरुवार को ध्यानाकर्षण सूचना के तहत सदन में हुई चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की एवं सदन से बहिर्गमन भी किया।
दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की ध्यान आकर्षण सूचना पर सदन में चर्चा हुई जिस पर जमकर हंगामा हुआ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में परिवहन घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की सीबीआई जांच की मांग के बीच ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने दूसरे ध्यनक आश्रम प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विधायक विजेंद्र प्रताप सिंह को बुलाया इस पर कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष टेबल के पास इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे और फिर सदन से वर्कआउट भी कर दिया। दिन भर हंगामे के बाद सदन की कार्रवाई शुक्रवार 11:00 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि जिन अधिकारियों ने जनता का पैसा लूटा है अवैध वसूली की है उनके खिलाफ जांच होना चाहिए। उन्होंने सदन में प्रतीकात्मक तौर पर सोने का बिस्किट दिखाकर सीबीआई जांच की मांग दोहराई उसके बाद कांग्रेस विधायक सीबीआई जांच कराओ, जांच कराओ के नारे लगाने लगे। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि जिस गाड़ी में कैसे और गोल्ड मिला उसकी लाइव लोकेशन प्राप्त की जानी चाहिए ड्राइवर से पूछताछ की जानी चाहिए इससे पूरे मामले से जुड़े लोग सामने आ जाएंगे।
इसके पहले महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस कुंभकरण के गेट अप में विधानसभा पहुंचे। उन्होंने सड़क पर लेट कर सरकार पर परिवहन घोटाले, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कांग्रेस के विधायक कौन है पुंगी जगा कर उन्हें उठाने की कोशिश की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को हटाया गया तो उनके खिलाफ जांच कराई गई थी जो डायरी के पन्ने वायरल हुई क्या सरकार ने उसकी जांच कराई कि इसमें किसके हस्ताक्षर हैं। प्रदेश की जनता को पता चलना चाहिए कि सोना किसका है कैश किसका है। जब मंत्री ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया तो फिर सिंगार ने कहा कि क्या सरकार की नियत साफ नहीं है वह जांच नहीं करना चाहती। मंत्री ने कहा कि सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यहां लोकायुक्त पर आप नहीं लगाया जा सकता उससे संबंधित प्रश्न पूछ सकते हैं। लोकायुक्त का जो मामला बेचारा दिन है उसे पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। इस पर उमंग सिंगार ने कहा कि अगर लोकायुक्त पुलिस सोना और कैश की जांच करती तो इनकम टैक्स बीच में नहीं आता। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश विधानसभा में पहली बार परिवहन घोटाले को लेकर ध्यान आकर्षण पर चर्चा हुई जिसमें विपक्ष दल कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया सदन से वर्कआउट किया और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



