भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बना रहे हैं। उनकी इटली यात्रा पर भी स्वामी का तंज सबसे मारक था। उन्होंने लिखा यह कुछ ऐसा है, जैसे कोई किसी की बारात में जाए और लौट कर आए तो कह दे कि वही दूल्हा था। इसी तरह मोदी की रूस यात्रा पर भी स्वामी ने तंज किया और कहा कि चीन के कहने से रूस ने कोई सामरिक समझौता नहीं किया है और जो आर्थिक समझौते हुए हैं उनका लाभ देश के कारोबारियों को होगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि हर साल 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाया जाएगा तब भी स्वामी ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा।
स्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि जो लोग हर साल 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाने की बात कर रहे हैं उनका इमरजेंसी के समय क्या रोल रहा है? उनको मोदी और शाह का नाम लिए बगैर कहा कि उनकी इमरजेंसी के विरोध में क्या भूमिका रही। आगे स्वामी ने यह भी कहा कि ये क्रेडिट चोर लोग हैं। गौरतलब है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी 1975 में लगाई गई इमरजेंसी का विरोध करने वाले नायकों में से एक हैं। उनको तमाम कोशिशों के बावजूद इंदिरा गांधी की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। उनका पत्नी रूखसाना स्वामी ने अपनी किताब में इमरजेंसी के समय स्वामी के एडवेंचर्स के बारे में विस्तार से लिखा है।
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