बेचैन करने वाली बात
अफसोसनाक है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धविराम से लेकर आज तक कई महत्त्वपूर्ण फैसलों का एलान अमेरिका ने भारत सरकार के कुछ कहने से पहले कर दिया है। इस सिलसिले में नई कड़ी मार्को रुबियो ने जोड़ी है। भारत अपनी विदेश नीति में किस संबंध को प्राथमिकता दे, यह तय करना निर्वाचित केंद्र सरकार का संप्रभु अधिकार है। इसलिए अमेरिका से प्रगाढ़ रिश्ते बनाने की नीति देश के अंदर बहस का मुद्दा हो सकती है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के इस निर्णय को चुनौती नहीं दी जा सकती। वैसे भी इस मामले में वामपंथी दलों जैसे कुछ अपवादों को...