किसके कहने से चलता है चुनाव आयोग?

पिछले महीने मार्च में चुनाव आयोग ने केरल की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी। पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की ओर से इस पर आपत्ति की गई। कहा गया है कि राज्य में अभी विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में राज्यसभा चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं। हालांकि दबी जुबान में चुनाव आयोग ने कहा कि पहले भी ऐसा होता रहा है और यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनाव कराए। लेकिन आयोग की इससे ज्यादा बोलने की हिम्मत नहीं हुई और उसने चुनाव पर रोक लगा दी। सोचें, राज्यसभा का चुनाव घोषित करने के बाद देश के ‘स्वतंत्र व निष्पक्ष’ चुनाव आयोग ने उस पर रोक लगा दी। अब चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। सोमवार को आयोग ने ऐलान किया कि 30 अप्रैल को तीनों सीटों पर चुनाव होगा। उसके दो दिन बाद दो मई को ही विधानसभा के चुनाव नतीजे आएंगे। लेकिन 30 अप्रैल को भी वोटिंग कराने का चुनाव आयोग का फैसला अपना नहीं है। इसके लिए उसे हाई कोर्ट से निर्देश मिला। असल में जब आयोग ने चुनाव पर रोक लगाई… Continue reading किसके कहने से चलता है चुनाव आयोग?

Corona Virus & Election : चुनावी रैलियों में मास्क के मुद्दे पर केंद्र और आयोग को नोटिस

नई दिल्ली। चुनावी रैलियों में शामिल होने वाले लोगों के लिए मास्क अनिवार्य करने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में कहा गया है कि सड़क पर चलते आम लोगों को मास्क नहीं पहनने के लिए रोका जा रहा है और जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि चुनावी रैलियों में हजारों लोग एक साथ बिना मास्क के शामिल हो रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि अपनी गाड़ी में बैठे अकेले व्यक्ति को भी मास्क लगाना होगा। इसे भी पढ़ें :  कोरोना | कई राज्यों में नई पाबंदियां बहरहाल, दिल्ली हाई कोर्ट ने राज्यों में चल रहे चुनावों के दौरान हो रहे प्रचार में शामिल हर व्यक्ति के लिए मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य बनाने के अनुरोध को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को गुरुवार को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और थिंक टैंक सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी एंड सिस्टमिक चेंज के प्रमुख विक्रम सिंह की याचिका पर केंद्र और… Continue reading Corona Virus & Election : चुनावी रैलियों में मास्क के मुद्दे पर केंद्र और आयोग को नोटिस

गलत मौके पर सही कार्रवाई ?

चुनावों के दौरान सत्तारुढ़ और विपक्षी दलों के बीच भयंकर कटुता का माहौल तो अक्सर हो ही जाता है लेकिन इधर पिछले कुछ वर्षों में हमारी राजनीति का स्तर काफी नीचे गिरता नजर आ रहा है। केंद्र सरकार के आयकर-विभाग ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर छापे मार दिए हैं और उनमें से कुछ को गिरफ्तार भी कर लिया है। तृणमूल के ये नेतागण शारदा घोटाले में पहले ही कुख्यात हो चुके थे। इन पर मुकदमे भी चल रहे हैं और इन्हें पार्टी-निकाला भी दे दिया गया था लेकिन चुनावों के दौरान इनको लेकर खबरें उछलवाने का उद्देश्य क्या है ? क्या यह नहीं कि अपने विरोधियों को जैस-तैसे भी बदनाम करवाकर चुनाव में हरवाना है ? यह पैंतरा सिर्फ बंगाल में ही नहीं मारा जा रहा है, कई अन्य प्रदेशों में भी इसे आजमाया गया है। अपने विरोधियों को तंग और बदनाम करने के लिए सीबीआई और आयकर विभाग को डटा दिया जाता है। इसके कई उदाहरण हमारे सामने हैं। बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे की पत्नी रुचिरा बेनर्जी और उनके दूसरे कुछ रिश्तेदारों से एक कोयला-घोटाले के बारे में पूछताछ चल रही है और चिट-फंड के मामले में दो अन्य मंत्रियों के नाम बार-बार प्रचारित किए… Continue reading गलत मौके पर सही कार्रवाई ?

चुनावी बाँडः बेलगाम भ्रष्टाचार

चुनावी बाँड राजनीति भ्रष्टाचार की बड़ी उस्तादी योजना है। जिसने भी यह योजना बनाकर मोदी और अरुण जेटली को थमाई थी, उसका दिमाग किसी तस्कर या डाकू से भी अधिक तेज रहा होगा। मोदी सरकार को इस बात के लिए हमेशा याद किया जाएगा कि उसने भ्रष्टाचार के राक्षस के मुंह को कानूनी बुर्के से ढांप दिया है।

ममता पर हमले के मामले में आयोग ने की कार्रवाई

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को सारे नियमों का पालन करने और सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा है।

बंगाल पर ऐसी मेहरबानी क्यों?

केंद्रीय चुनाव आयोग ने कमाल किया। उसने 234 विधानसभा सीट वाले तमिलनाडु में तो एक चरण में छह अप्रैल को मतदान कराने का फैसला किया

बंगाल चुनाव की तारीखों पर विवाद

केंद्रीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराने का ऐलान किया है। पांच साल पहले 2016 में भी बंगाल में सात चरणों में चुनाव हुए थे।

चुनाव शिड्यूल से पहले घोषणाओं की झड़ी

केंद्रीय चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का ऐलान किया। उससे ठीक पहले तीन राज्यों ने लोक लुभावन घोषणाओं की झड़ी लगा दी।

चुनाव आयोग के पास अधिकार क्या?

केंद्रीय चुनाव आयोग, सुनने में इतना भारी-भरकम नाम है पर सवाल है कि इसके पास क्या अधिकार हैं? यह एक संवैधानिक संस्था है। इसके ऊपर देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की महती जिम्मेदारी है।

चुनाव आयोग ने किया उपचुनावों का ऐलान

मध्य प्रदेश सरकार के लिए जीवन-मरण का सबब बनी 28 विधानसभा सीटों सहित देश के 10 राज्यों की 56 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है।

चुनाव आयोग ने मांगे सुझाव

बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में लगे केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस बारे में पार्टियों से राय मांगी है।

विपक्ष की जायज चिंताएं

बिहार में तीन महीने बाद विधान सभा चुनाव है। लेकिन वहां ऐसी आशंकाएं पैदा हुई हैं कि इस बार शायद वहां सभी पार्टियों को समान धरातल उपलब्ध होने की शर्तें पूरी ना हो सकें।

पोस्टल बैलेट से वोटिंग के नियम बदले

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने पोस्टल बैलेट से वोटिंग के नियमों में बदलाव किया है।

बिहार के लिए बदला पोस्टल बैलेट का नियम!

ऐसा लग रहा है कि भाजपा, केंद्र व बिहार की सरकार और चुनाव आयोग सब बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में गंभीरता से जुट गए हैं। तभी बैठकें होने लगी हैं

क्या भारत में ऑनलाइन चुनाव संभव?

भारत में क्या ऑनलाइन चुनाव हो सकते हैं? यह लाख टके का सवाल है। अभी दुनिया के बहुत कम आबादी वाले और बेहद विकसित देशों में ही यह प्रयोग हुआ है

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