ट्रंप के दौरे से क्या हासिल होगा?

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका का दौरा किया और दुनिया की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम हुआ।

भारत से व्यापार समझौता बाद में: ट्रंप

भारत के दो दिवयीय दौरे पर आने से चंद दिनों पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह भारत के साथ एक बहुत बड़ी ट्रेड डील करना चाहते हैं,

भारत के बीहड़ में टाटा ट्रस्ट!

भारत में कारोबार कैसा मुश्किल है और अच्छे-अच्छों को भी कैसे जूझना पड़ता है इसकीकथा अंतहीन है। समकालीन याददास्त में ही अनेक ऐसे मामले हैं (प्रणब मुखर्जी के पिछली तारीख से टैक्स लगाने के वोडोफोन किस्से से ले कर हाल में टेलकॉल कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से सालों बाद देनदारी मिलना) जिनकी किस्सागोई को यदि क्रमवार लिखा जाए तो इस शीर्षक का महाग्रंथ बनेगा कि भारत दुनिया का नंबर एक बीहड़!

भारत लौट सकता है

कल मैंने लिखा था कि 16 राष्ट्रीय ‘रिसेप’ याने ‘क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी’ नामक संगठन से भारत का निकल आना अभी एकदम पक्का नहीं है। आशा की कुछ किरणें बाकी हैं। यह कथन सत्य साबित हुआ है। चीनी सरकार के प्रवक्ता ने भारत को पटाने के लिए काफी रचनात्मक बयान जारी किया है।