जाति गणना के बाद फारवर्ड बढ़े!
बिहार में जाति गणना हो चुकी है। अब राष्ट्रीय स्तर पर जातियों की गिनती होने वाली है। पांच साल से रूकी जनगणना अगले साल होगी। उसमें जातियां गिनी जाएंगी। अभी तक अंग्रेजों के जमाने में 1931 में हुई जनगणना के जातियों का अनुमान लगाया जाता था। अब जातियों की संख्या सबके सामने है। बिहार में नीतीश कुमार और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जाति गणना कराई थी। उनको लग रहा था कि पिछ़डी और अति पिछड़ी जातियों की संख्या सामने आने के बाद मंडल की राजनीति मजबूती से स्थापित होगी। लेकिन विडम्बना देखिए कि जाति गणना के बाद जो...