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तीसरे चरण में राजनीति के तीरंदाज मैदान में

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Lok Sabha election 2024
Lok sabha election 2024

भोपाल। प्रदेश में दो चरणों में 12 लोकसभा सीटों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं अब तीसरे चरण में आठ लोकसभा सीटों के लिए 7 में को मतदान होगा तीसरे चरण में प्रदेश की राजनीति के तीरंदाज माने जाने वाले दो पूर्व मुख्यमंत्री एक केंद्रीय मंत्री सहित पूर्व विधायक सांसद अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

दरअसल प्रदेश में दो चरणों में 12 लोकसभा सीटों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब सब की निगाहें तीसरे चरण की मुरैना भिंड ग्वालियर गुना सागर विदिशा भोपाल और राजगढ़ लोकसभा सीट पर तक गई है तमाम कोशिशें के बाद भी दोनों चरणों में मतदान प्रतिशत 2019 की अपेक्षा कम ही रहा एक बार फिर तीसरे चरण में मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कोशिशें तेज हो गई है इन सीटों पर दिग्गज नेताओं के मैदान में होने से मतदान प्रतिशत बढ़ाने की उम्मीद भी लगाई जा रही है तीसरे चरण में प्रदेश की सबसे हॉट सीट राजगढ़ लोकसभा मानी जा रही है जहां प्रदेश के 10 वर्षों से मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे दिग्विजय सिंह चुनाव मैदान में है जबकि भाजपा ने रोडमल नागर को चुनाव मैदान में उतारा हैI

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यह भी दिलचस्प है कि दोनों उम्मीदवार इस सीट से दो-दो बार सांसद रह चुके हैं दोनों के बीच पहला मुकाबला है अब 4 जून को तय होगा कि इनमें तीसरी बार सांसद कौन बनेगा वैसे तो कभी कांग्रेस की सीट मानी जाती थी राजगढ़ लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह भाजपा के कब्जे में है लेकिन जिस तरह से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मैदान में उतार दिया है उससे इस सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है भाजपा को जहां मोदी लहर का सहारा है वही कांग्रेस को दिग्विजय सिंह की क्षमताओं का भरोसा है दिग्विजय सिंह मतदाताओं के बीच पदयात्रा कर चुके हैं और अब आखिरी चुनाव की दुहाई देकर वोट मांग रहे हैं बुढ़ापे में लाज रख लेना जैसा संदेश मतदाताओं के बीच पहुंचा जा रहा है साथ ही उनके प्रदेश भर के समर्थक भी राजगढ़ में जगह-जगह मोर्चा संभाल रहे हैं लेकिन शुक्रवार को भाजपा के सबसे बड़े रणनीतिकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजगढ़ में जिस तरह से हुंकार भरी हैI

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और कहां की यहां बंटाधार करना है क्या दिग्गी राजा के साथ बंटाधार शब्द जुड़ गया है उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इन्हें राजनीति से परमानेंट विदाई देने का दिग्विजय की विदाई आपको करना है आशिक का जनाजा है जरा धूम से निकले सम्मान जैसी लीड से हराकर उनकी विदाई करना उन्हें घर पर बैठने का काम राजगढ़ वाले करें यही कहने आया हूं अमित शाह की सभा के बाद राजगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर बढ़ गया है तीसरे चरण की दूसरी महत्वपूर्ण सीट विदिशा है जहां से सर्वाधिक समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान चुनाव मैदान में है और उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रताप भानु शर्मा से है दोनों ही उम्मीदवार विदिशा सीट से सांसद रह चुके हैं शिवराज सिंह चौहान जहां लगातार सक्रिय राजनीति में बने रहे और विदिशा से हमेशा जुड़े रहे वही प्रताप भानु शर्मा पिछले दो दशक से किसी महत्वपूर्ण पद पर नहीं रहे और ना ही बीच में कोई चुनाव लड़े इस कारण उन्हें चुनाव मैनेजमेंट में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जबकि शिवराज सिंह चौहान के लिए विदिशा का चुनाव रिकॉर्ड बनाने का चुनाव माना जा रहा है शिवराज सिंह चौहान किसी भी प्रकार के अति आत्मविश्वास में ना रहते हुए टिकट घोषित होने के बाद से ही विदिशा क्षेत्र में सक्रिय हैI

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बहुत कम समय के लिए वह प्रदेश की अन्य सीटों पर गए हैं पत्नी साधना सिंह और पुत्र कार्तिकेय भी चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। इसी तरह गुना लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में है 2019 के लोकसभा चुनाव में एक कांग्रेस प्रत्याशी थे और केपी यादव से चुनाव हार गए थे लेकिन इस बार सिंधिया किसी भी प्रकार की रिस्क नहीं ले रहे हैं और पूरे समय गुना शिवपुरी क्षेत्र में सक्रिय है उनके समर्थक भी क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं पत्नी और पुत्र भी प्रचार अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं कांग्रेस में यहां जातीय समीकरणों के तहत राव यादवेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है जिससे कि यादव वोट थोक में मिल सके।

सागर लोकसभा सीट पर भाजपा ने भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लता वानखेड़े को चुनाव मैदान में उतारा है वहीं कांग्रेस ने उनके मुकाबले के लिए ललितपुर के गुड्डू राजा बुंदेला को प्रत्याशी बनाया है सागर की आठ विधानसभा सीटों में से सात पर भाजपा के विधायक हैं और सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में बढ़त बनाने के लिए कहा गया है लता वानखेड़े के समर्थन में महिलाओं की अधिकतम वोट साधने की भाजपा की रणनीति है मुरैना लोकसभा सीट पर भाजपा के शिवमंगल सिंह के खिलाफ कांग्रेस में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया हैI

वही भिंड लोकसभा में सांसद संध्या राय को भाजपा ने दूसरी बार टिकट दिया है तो वहीं कांग्रेस ने बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और भाडेर से विधायक फूल सिंह बरैया को मैदान में उतारा है यहां भी जाति समीकरणों के चलते मुकाबला रोचक हो गया है वही ग्वालियर में भाजपा ने जहां पूर्व मंत्री भारत सिंह कुशवाहा को मैदान में उतारा है वहीं कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को टिकट देकर मुकाबला को जातिय आधार पर कर दिया है तीसरे चरण में ही राजधानी भोपाल में चुनाव होने जा रहा है जो भाजपा का गढ़ बन चुका है।

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2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को साध्वी प्रज्ञा सिंह ने साढे तीन लाख वोटो से मात दी थी भाजपा ने इस बार पूर्व महापौर आलोक शर्मा को टिकट दिया है तो कांग्रेस ने पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष और अधिवक्ता अरुण श्रीवास्तव को मैदान में उतर कर नई जाति समीकरण के सहारे चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है जिसमें कायस्थ समाज और अल्पसंख्यक वर्ग को साधा जा रहा है साथ ही कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्र पर भी जोर दे रही है हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो हो चुका है इसके बाद भाजपा में सक्रियता बड़ी है। कुल मिलाकर प्रदेश में तीसरे चरण की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हो 7 May को होने वाले आठ लोकसभा क्षेत्र के चुनाव में प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला होना है इस कारण भी तीसरा चरण रोचक चरण माना जा रहा है।

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