unemployment

  • गलत दवा से इलाज

    बेरोजगारी जिस हद तक बढ़ गई है, उसके मद्देनजर समझा जा सकता है कि सरकारों पर इस समस्या को हल करते हुए दिखने का भारी दबाव है। मगर दिखावटी कदमों से इस गंभीर समस्या का समाधान संभव नहीं है। कर्नाटक सरकार ने एक विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके पारित होने पर राज्य के बाशिंदों के लिए प्रबंधकीय नौकरियों में 50 प्रतिशत और गैर-प्रबंधकीय नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण हो जाएगा। बेरोजगारी जिस हद तक बढ़ गई है, उसके मद्देनजर समझा जा सकता है कि सरकारों पर इस समस्या को हल करते हुए दिखने का भारी दबाव है। मगर ऐसे...

  • हताशा का आलम

    जहां युवा बेरोजगारी असामान्य रूप से ऊंची हो और खाद्य मुद्रास्फीति लगातार आठ प्रतिशत से ऊपर हो, वहां कैसी जिंदगी की कल्पना की जा सकती है? अप्रैल के जारी ताजा आंकड़ों में भी खाद्य मुद्रास्फीति 8.7 प्रतिशत दर्ज हुई है। कुवैत में विदेशी मजदूरों के एक रहवास में हुए भयंकर अग्निकांड में मरे 49 लोगों में तकरीबन 40 भारतीय हैं। उधर रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भाड़े के सैनिक के तौर पर गए दो और भारतीयों की मौत हो गई है। ये भारतीय उन 30 लोगों से अलग हैं, जिनके परिजनों ने भारत सरकार से संपर्क...

  • अब जाकर खुली आंख!

    यह अहसास तब हुआ, जब 2024 कॉरपोरेट्स की प्रिय पार्टी को तगड़ा झटका लगा और वह बहुमत से खासा दूर रह गई। तो अब उन्होंने सलाह दी है कि नई सरकार को रोजगार पैदा करने और महंगाई नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। सर्वोच्च कॉरपोरेट अधिकारियों की आंख जाकर खुली है। उन्हें अंदाजा हुआ है कि भारत में बेरोजगारी एक दुर्दशा का रूप ले चुकी है। दूसरे अर्थों में यह कहा जा सकता है कि अपने बढ़ते मुनाफे से मस्त कॉरपोरेट सेक्टर को अब महसूस हुआ है कि जीडीपी की जिस ऊंची वृद्धि दर को लेकर उनकी खुशफहमी आसमान में...

  • बेरोजगारों का यही अंजाम!

    जब बेरोजगारी की समस्या गंभीर हो रही हो, तो घोटालेबाजों के लिए अनुकूल स्थितियां सहज ही बन जाती हैं। वे विदेशों में आकर्षक करियर का वादा कर नौजवानों को फंसाते हैं। कंबोडिया गए नौजवानों के साथ भी यही हुआ। बीते सप्ताहांत भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में नौकरी की तलाश में जा रहे भारतवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की। इसके पहले खबर आई थी कि कंबोडिया से उन 250 भारतीयों को वापस लाया गया है, जो नौकरी के लालच में वहां जाकर घोर दुर्दशा में फंस गए थे। इसके साथ ही रोजगार के लिए...

  • मोदी मोदी नहीं क्योंकि नौकरी, नौकरी

    मेट्रो स्टेशन पर बाहर जितनी दुकानें बनाई थीं। बंद पड़ी हैं। कभी इतनीचलती थीं कि वहां ज्योतिषियों ने भी दुकान ले ली थी। मगर अब जूस की शेककी जो गर्मियों में सबसे ज्यादा चलती थीं वे भी बंद पड़ी हैं। हर दुकानपर दो तीन लड़कों को रोजगार मिलता था। मगर अब दुकान वाला खुद ही बेरोजगारहो गया है। यह मोटा आकलन है। बेरोजगारी, काम नहीं, जेब खाली। यही असल मसला है। ...महंगाई इसीलिए दूसरे नंबर पर है। जेब में पैसा ही नहीं है तो क्या महंगा क्या सस्ता। तीसरे चरण के मतदान के साथ ही आधी से ज्यादा सीटों पर...

  • समस्या से आंख मूंदना

    मेट्रो स्टेशन पर बाहर जितनी दुकानें बनाई थीं। बंद पड़ी हैं। कभी इतनीचलती थीं कि वहां ज्योतिषियों ने भी दुकान ले ली थी। मगर अब जूस की शेककी जो गर्मियों में सबसे ज्यादा चलती थीं वे भी बंद पड़ी हैं। हर दुकानपर दो तीन लड़कों को रोजगार मिलता था। मगर अब दुकान वाला खुद ही बेरोजगारहो गया है। यह मोटा आकलन है। बेरोजगारी, काम नहीं, जेब खाली। यही असल मसला है। ...महंगाई इसीलिए दूसरे नंबर पर है। जेब में पैसा ही नहीं है तो क्या महंगा क्या सस्ता। तीसरे चरण के मतदान के साथ ही आधी से ज्यादा सीटों पर...

  • महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार भी मुद्दा!

    मेट्रो स्टेशन पर बाहर जितनी दुकानें बनाई थीं। बंद पड़ी हैं। कभी इतनीचलती थीं कि वहां ज्योतिषियों ने भी दुकान ले ली थी। मगर अब जूस की शेककी जो गर्मियों में सबसे ज्यादा चलती थीं वे भी बंद पड़ी हैं। हर दुकानपर दो तीन लड़कों को रोजगार मिलता था। मगर अब दुकान वाला खुद ही बेरोजगारहो गया है। यह मोटा आकलन है। बेरोजगारी, काम नहीं, जेब खाली। यही असल मसला है। ...महंगाई इसीलिए दूसरे नंबर पर है। जेब में पैसा ही नहीं है तो क्या महंगा क्या सस्ता। तीसरे चरण के मतदान के साथ ही आधी से ज्यादा सीटों पर...

  • एक गौरतलब चेतावनी

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  • चुनाव बेरोजगारी और महंगाई पर होगा

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  • विपक्ष क्या भ्रष्टाचार का मुद्दा बना पाएगा?

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  • बेरोजगारी का यह आलम

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  • यह एक नई चुनौती

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  • बेरोजगारी का गंभीर मसला

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  • रोजगार की भयावह तस्वीर

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  • बेरोजगारी है विकराल, गंभीर बने!

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  • चार महीने में सबसे ज्यादा बेरोजगारी

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  • गरीबी, बेरोजगारी बरदाश्त करने की अंतहीन सीमा!

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  • 140-170 करोड़ लोगों में कमाने वाले और खाने वाले!

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  • बेरोजगार नौजवानों से बरबादी के खतरे!

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  • बेरोजगारी दर आठ फीसदी से ऊपर

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