भोपाल। जैसे – तैसे कांग्रेस मुकाबला का माहौल बनाती है वैसे ही कोई ना कोई कांग्रेसी बम फोड़ देता है और कांग्रेस आहत हो जाती है। खजुराहो के बाद अब इंदौर में भी भाजपा को खाली मैदान मिल गया है। कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के बाद अब रामनिवास रावत की चर्चा फिर से भाजपा में जाने की जोर पकड़ने लगी है। आखिर कांग्रेस में ऐसे कितने और बम है जो बार-बार कांग्रेस को आहत कर रहे हैं।
दरअसल, भाजपा शुरू से ही प्रदेश में सभी 29 सीटों को जीतने का टारगेट लेकर चल रही है लेकिन पहले और दूसरे चरण के कम मतदान के बाद भाजपा और सतर्क एवं सावधान हो गई है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के साथ-साथ तीसरी और चौथे चरण में सभी सीटों को जीतने की रणनीति पर काम कर रही है और इसी के तहत एक बार फिर कांग्रेस नेताओं को तोड़कर भाजपा में लाने की मुहिम तेज हो गई है। इसी के तहत सोमवार को इंदौर में उसे समय कांग्रेस को करारा झटका लगा जब उसके अधिकृत प्रत्याशी अक्षय क्रांति ने ना केवल अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया वरन भाजपा में शामिल भी हो गए।
इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि आत्मा को झकझोरा है लेकिन मंगलवार को फिर कांग्रेस में अंमगल होने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत कि भाजपा में जाने की चर्चा तेज हो गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने वे भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। एक सप्ताह पहले भी उनकी भाजपा में जाने की चर्चा थी तब दिग्विजय सिंह ने उन्हें मनाया था लेकिन एक बार फिर से रावत की भाजपा में जाने की चर्चा जोर पकड़ गई है।
कुल मिलाकर प्रदेश में कांग्रेस को लगातार झटके पर झटका लग रहा ह।ै सवाल यही है कि आखिर कांग्रेस में और कितने ऐसे बम है जो चौथे चरण तक धमाका करते रहेंगे।
इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय की पूरी कोशिश सूरत दोहराने की थी जहां भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध जीत गए लेकिन नाम वापसी के आखिरी समय 3:00 बजे तक चार प्रत्याशी नामांकन पत्र वापस नहीं ले पाए और वह मैदान में है और उनमें से अधिकांश कांग्रेस का समर्थन पाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें परमानंद तोलानी को कांग्रेस समर्थन दे सकती है।
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