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'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए!’

'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए!’

July 26, 2026

नई दिल्ली। जब आवाज़ें जुड़ती हैं, मन के तार मिलते है, सुर से सुर मिलते है तो कितनी ही कोशिश हो शक्ति बिखरती नहीं बल्कि संगठित होती है। और जब...

‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए!’

जब आवाज़ें जुड़ती हैं, मन के तार मिलते है, सुर से सुर मिलते है तो कितनी ही कोशिश हो शक्ति बिखरती नहीं बल्कि संगठित होती है।