चीन का विशेषज्ञ होने का क्या फायदा!

एस जयशंकर चीन के विशेषज्ञ माने जाते हैं। प्रधानमंत्री खुद भी चीन के बारे में बहुत जानते हैं।  आखिर वे चीन का सबसे ज्यादा बार दौरा करने वाले देश के मुख्यमंत्री रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने चीन के शी जिनफिंग प्रशासन से बहुत अच्छे संबंध रखे।

एक देश के ही भीतर!

इसीलिए जब ये खबर आई कि असम सरकार ने अपने निवासियों को मिजोरम ना जाने की सलाह दी है, तो एक किस्म का सदमा लगा। लेकिन जल्द ही ये खबर भी आई कि मिजोरम में हाल में हुई हिंसा की घटनाओं के सिलसिले में दायर एफआईआर में असम के मुख्यमंत्री को भी अभियुक्त बनाया गया है।

असम सीएम पर मिजोरम में मुकदमा!

दो राज्यों के बीच सीमा विवाद को लेकर हिंसक झड़प में पांच पुलिसकर्मियों सहित छह लोगों के मारे जाने के बाद अब एक और अभूतपूर्व घटना हुई है। आजाद भारत के इतिहास में संभवतः पहली बार किसी राज्य की पुलिस ने दूसरे राज्य के मुख्यमंत्री के ऊपर एफआईआर दर्ज की है

राज्यों का विवाद बारूद का ढेर है

असल में यह केंद्र और राज्य दोनों के स्तर पर राजनीतिक नेतृत्व की विफलता है, जो आजादी के इतने बरस बाद भी राज्यों के बीच सीमा या भाषा का विवाद नहीं सुलझ सका है।

समस्या पहले स्वीकारे तभी समाधान होगा

भारत हर संकट को अस्वीकार करने के मोड में है। सीमा विवाद है तो भारत का जवाब है- न कोई सीमा में घुसा है और न कोई घुस आया है। पेगासस जासूसी का मामला है तो भारत का जवाब है- न किसी ने जासूसी की है और न कोई जासूसी हुई है।

भारत भी तो कुछ कहे चीन को!

भारत अपनी ही सीमा में पीछे हटे और चीन भारत की सीमा से निकल कर अपनी पुरानी पोजिशन पर बैठे। इस तरह पूरा बफर जोन भारत की जमीन में बन जाएगा। यह चीन की ‘स्लाइसिंग मिलिट्री स्ट्रेटेजी’ है। जिस तरह किसी भी चीज के पतले पतले स्लाइस काटे जाते हैं वैसे ही चीन पड़ोसी देशों की सीमा पर उनकी जमीन के पतले-पतले टुकड़े काटता है और उस पर कब्जा करता जाता है। यह भी पढ़ें: विपक्ष में क्या हाशिए में होगी कांग्रेस? सारी दुनिया चीन को कठघरे में खड़ा कर रही है। जी-7 देशों के नेताओं ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर चीन पर सीधी उंगली उठाई। चीन की परवाह किए बगैर जी-7 देशों ने ताइवान को तरजीह दी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने देश की खुफिया एजेंसियों को वायरस की उत्पत्ति की जांच करके 90 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। चार देशों के क्वाड में शामिल तीन देश- अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया भी चीन पर सवाल उठाते रहते हैं। लेकिन भारत पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। क्वाड के चार देशों में भारत एकमात्र देश है, जिसकी सीमा चीन से लगती है और भारत ही चुप है। भारत एकमात्र देश है, जिसके साथ चीन… Continue reading भारत भी तो कुछ कहे चीन को!

भारत-चीन का कारोबार डेढ़ गुना बढ़ा

चीन ने भारत की जमीन कब्जाई हुई है, पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में अपनी सेना तैनात किए हुए बैठा है, पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए और चीन को सबक सिखाने के लिए भारत सरकार ने उसके एक सौ से ज्यादा मोबाइल ऐप बंद कर दिए।लेकिन हकीकत यह है कि भारत और चीन के बीच इस साल के पहले पांच महीने में दोतरफा कारोबार डेढ़ गुना से ज्यादा हो गया। चीन की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक पहले पांच महीने में कारोबार 70 फीसदी बढ़ा है लेकिन भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इसमें 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह भी पढ़ें: मौत का आंकड़ा कितना होगा? सोचें, कहां तो देश के महाप्रतापी प्रधानमंत्री द्वारा चीन को सबक सीखा देने की खबरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं और कहां दोतरफा कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। चीन के आंकड़ों के मुताबिक इस साल के पहले पांच महीने में दोनों देशों के बीच 48 अरब डॉलर का कारोबार हुआ है। भारत के आंकड़ों के मुताबिक दोतरफा कारोबार करीब 45 अरब डॉलर का है। अगर भारत के आंकड़ों पर ही यकीन… Continue reading भारत-चीन का कारोबार डेढ़ गुना बढ़ा

चीन अपनी तैयारी में लगा है

भारत सरकार को सावधान रहना चाहिए। चीन अपनी तैयारी कर रहा है। वह पीछे नहीं हटा है और न उसका इरादा बदला है। भारत में सरकारें जिस समय सबसे ज्यादा भरोसे में और शांति की उम्मीद में रहती हैं उसी समय चीन ने धोखा दिया था। याद करें 2017 के डोकलाम घटनाक्रम को उससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग के साथ अपनी दोस्ती को लेकर कितने भरोसे में थे। लेकिन चीन ने डोकलाम कर दिया। इसी तरह पिछले साल कोरोना की महामारी में देश अपने लोगों को बचाने में लगा था तब चीन ने लद्दाख में घुस कर जमीन कब्जाई और भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प की। उसी तरह कोरोना की दूसरी लहर को भी वह मौका बनाने की तैयारी में है। तभी सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे को कहना पड़ा कि लद्दाख में अब भी भारत के 60 हजार जवान तैनात हैं। उनके कहने को आशय यह था कि भारत सजग है और उसकी अपनी तैयारी कम नहीं की है। पर असल में चीन के साथ चल रही सैन्य स्तर की वार्ता और पैंगोंग झील इलाके में चीन के पीछे हटने के बाद भारत लापरवाह हुआ है। दूसरी ओर चीन इसी इलाके में डटा… Continue reading चीन अपनी तैयारी में लगा है

चीन के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा, एलएसी पर चीन के साथ गतिरोध शुरू होने और पिछले साल जून में भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद भारत ने चीन को आर्थिक झटका देने के लिए कुछ बेबी स्टेप्स उठाए थे

चीन के प्रोपेगेंडा वीडियो का विरोध करे भारत

चीन एक तरफ भारत के साथ बात कर रहा है और पूर्वी लद्दाख में विवादित जगहों से पीछे हट रहा है और दूसरी ओर प्रोपेगेंडा करने से भी बाज नहीं आ रहा है।

क्या लद्दाख पर कांग्रेस का कहा काल्पनिक?

जिस दिन से चीन और भारत की सरकार ने लद्दाख में शांति बहाली के समझौते और सैनिकों की चरणबद्ध वापसी का ऐलान किया है उस दिन से कांग्रेस इस बात को लेकर हमलावर है कि सरकार ने ‘भारत माता की जमीन चीन को सौंप दी’।

वीके सिंह ने भारत को मुश्किल में डाला

पूर्व सेना प्रमुख और नरेंद्र मोदी सरकार में सड़क परिवहन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने भारत को मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हो रही घुसपैठ को लेकर ऐसा बयान दिया है

भारत-चीन के बीच चली 16 घंटे तक मैराथन वार्ता

भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीमा विवाद सुलझाने और जवानों की संख्या कम करने के मुद्दे पर 16 घंटे लंबी मैराथन सैन्य वार्ता की।

चीन से कब तक लुका-छिपी खेलेंगे?

क्या दुनिया के किसी संप्रभु देश के बारे में ऐसा सोचा जा सकता है कि उसका मालवाहक जहाज दूसरे देश में जाए और वहां की सरकार उस जहाज को समुद्र में खड़ा कर दे

सीमा पर चीन का निर्माण बड़ा खतरा : कांग्रेस

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विदेश नीति के स्तर पर मोदी सरकार पूरी तरह विफल है और इसी का परिणाम है कि चीन डोकलाम के नजदीक गांव बसा कर देश के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।

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